टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) के अधिकारी और कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 जून को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने वाले हैं. इस आंदोलन में 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की करीब 22 हजार शाखाओं में कार्यरत लगभग 1.25 लाख अधिकारी और कर्मचारी हिस्सा लेंगे. हड़ताल के कारण ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है.
झारखंड ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव नितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं. इन मुद्दों को लेकर कई बार प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. इसी के विरोध में कर्मचारियों ने देशव्यापी हड़ताल का फैसला किया है.
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पदोन्नति नियमों में संशोधन, सेवा और अवकाश संबंधी नियमों में सुधार, सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) की व्यवस्था, स्थानांतरण नीति में बदलाव, रिक्त पदों पर जल्द भर्ती तथा अस्थायी कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है. संघ का कहना है कि ग्रामीण बैंक सीमित संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रहे हैं. लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार, वित्तीय सेवा विभाग, नाबार्ड और अन्य संबंधित संस्थाओं से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा. हड़ताल के दौरान नकद जमा-निकासी, ऋण वितरण और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
