TNP DESK: NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का विरोध अब व्यापक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है. इसी कड़ी में आज शाम 4 बजे पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर में एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. इस अभियान का नेतृत्व कर रहे संगठन CJP ने इसे "युवा न्याय आंदोलन" का नाम दिया है और दावा किया है कि यह सिर्फ NEET परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई है.
आंदोलन के संयोजक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू किया जाएगा. प्रदर्शन में शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर सक्रिय रहने वाले सोनम वांगचुक की भागीदारी ने इस आंदोलन को नई पहचान दी है.
सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंचा अभियान
6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के बाद इस अभियान को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला. बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई. अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके ने डिजिटल अभियान के जरिए युवाओं को जोड़ना शुरू किया था, जो अब धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बनता दिखाई दे रहा है. संगठन का दावा है कि उसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है और वह केवल छात्रों की आवाज उठाने का काम कर रहा है.
मूल्यांकन प्रणाली पर भी उठे सवाल
CJP ने आरोप लगाया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग जैसी व्यवस्थाओं के कारण कई विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ा. संगठन का कहना है कि NEET-UG पेपर लीक और मूल्यांकन संबंधी विवादों ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. आंदोलनकारियों का मानना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
सोनम वांगचुक के समर्थन से बढ़ा आंदोलन का प्रभाव
प्रदर्शन में सोनम वांगचुक की मौजूदगी को आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है. शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार मुखर रहने वाले वांगचुक पहले भी परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा नीतियों को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं.
20 जून से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो 20 जून से दिल्ली में लगातार धरना दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि छात्रों की चिंताओं को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और परीक्षा संबंधी विवाद लगातार सामने आ रहे हैं.
कई शहरों में प्रदर्शन की तैयारी
संगठन का कहना है कि पुणे का कार्यक्रम केवल शुरुआत है. आने वाले दिनों में लखनऊ, जयपुर, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. आंदोलनकारियों का आरोप है कि परीक्षा संचालन में लगातार सामने आ रही खामियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है. इसी वजह से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है.
