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कुदरत का ऐसा कहर की बंद हो गए देव द्वार, बारिश के रौद्र रूप से चारधाम और अमरनाथ यात्रा पर भी लगा ब्रेक

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
कुदरत का ऐसा कहर की बंद हो गए देव द्वार, बारिश के रौद्र रूप से चारधाम और अमरनाथ यात्रा पर भी लगा ब्रेक

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देश के कई राज्यों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. कहीं बाढ़ जैसे हालात हैं तो कहीं भूस्खलन और मकान गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है. सड़कें पानी में डूब गई हैं, कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और अब तक अलग-अलग राज्यों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है.

राजधानी दिल्ली में गुरुवार को भारी बारिश के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा. दिल्ली-एनसीआर की कई प्रमुख सड़कें पानी से भर गईं और वाहनों की रफ्तार थम गई. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है.

उत्तर प्रदेश में भी बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी नुकसान पहुंचाया है. राज्य के अलग-अलग जिलों में कम से कम 19 लोगों की मौत की खबर है. कहीं बिजली गिरने से लोगों की जान गई तो कहीं मकान की दीवार गिरने और पानी में डूबने जैसी घटनाएं सामने आईं. प्रशासन प्रभावित परिवारों की मदद में जुटा है.

सबसे ज्यादा असर उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में कई जगह भूस्खलन हुआ है. इससे 100 से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है. कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. एहतियात के तौर पर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है.

बारिश और भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा पर भी साफ दिखाई दे रहा है. बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले कई मार्ग मलबा आने से बाधित हुए हैं. प्रशासन लगातार रास्ते साफ करने में जुटा है, लेकिन खराब मौसम के कारण यात्रियों को कई जगह रुकना पड़ रहा है.

इसी तरह जम्मू-कश्मीर में चल रही अमरनाथ यात्रा भी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित हुई है. पहलगाम और बालटाल मार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने और रास्ते खराब होने की वजह से यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया. मौसम सामान्य होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है. प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हर कदम सावधानी से उठा रहा है.

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ से एक लोहे का पुल बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया. राज्य में दर्जनों सड़कें बंद हैं और राहत कार्य लगातार जारी है.

गुजरात में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सूरत समेत कई इलाकों में नौ लोगों की मौत की खबर है. प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. महाराष्ट्र में भी तेज बारिश से मुंबई और आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया. लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि रायगढ़ में बाढ़ के दौरान हजारों गैस सिलेंडर नदी में बह गए. पुणे में इमारत गिरने की घटना के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है.

वहीं मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना कम है. हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया गया है.

लगातार हो रही बारिश ने साफ कर दिया है कि मानसून इस बार कई राज्यों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि लोगों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.