TNP DESK: नई दिल्ली में NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब देशव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है. राजधानी के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हजारों छात्र, अभिभावक और युवा लगातार धरना दे रहे हैं. आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
जंतर-मंतर पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. प्रदर्शन स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया, जिससे हजारों यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.
इस आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक बने हुए हैं. उन्होंने छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी. लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका वजन करीब 11 किलोग्राम तक कम हो गया. स्वास्थ्य में गिरावट आने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर कदम नहीं उठाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा.
सोनम वांगचुक का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या एक राज्य की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की है. उनका मानना है कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे तो मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भरोसा पूरी शिक्षा व्यवस्था से खत्म हो जाएगा. उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग दोहराई है.
प्रदर्शन स्थल पर हर दिन छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है. दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं. कई छात्र संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और अभिभावक भी इस आंदोलन का हिस्सा बन चुके हैं. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं और सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील कर रहे हैं.
आंदोलन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित तौर पर पुलिसकर्मी द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का दावा किया गया. इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई. प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
CJP के नेताओं का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य किसी प्रकार की हिंसा नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना है. उनका कहना है कि देशभर के लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ है, इसलिए इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती.
दूसरी ओर सरकार की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है. हालांकि प्रदर्शनकारी केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि जब तक पेपर लीक मामले में ठोस कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा.
जंतर-मंतर पर दिन-रात प्रदर्शन जारी है. छात्र नारेबाजी, धरना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगों को बुलंद कर रहे हैं. कई अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों ने वर्षों की मेहनत से परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनका विश्वास तोड़ दिया है. इसलिए अब वे चाहते हैं कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
आंदोलन के कारण राजधानी के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है. पुलिस लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील कर रही है, जबकि मेट्रो सेवाओं में किए गए बदलावों की जानकारी लगातार यात्रियों को दी जा रही है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं.
फिलहाल आंदोलन थमता हुआ नहीं दिख रहा है. प्रदर्शनकारी साफ कह चुके हैं कि जब तक NEET पेपर लीक मामले में पारदर्शी जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. वहीं सोनम वांगचुक ने भी यह संदेश दिया है कि छात्रों के भविष्य की लड़ाई उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से उनका अनशन आगे भी जारी रहेगा.
