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INDIA

ड्रोन हमलों के खिलाफ भारत का नया सुरक्षा कवच, नागपुर में भार्गवास्त्र का सफल ट्रायल

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): दुश्मन के ड्रोन हमले को रोकने के लिए भारत ने अपनी ताकत और बढ़ा ली है. नागपुर में भारतीय सेना के सामने स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' का सफल लाइव ट्रायल किया गया. इसे सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम ड्रोन के झुंड यानी स्वार्म ड्रोन अटैक को रोकने में काफी मददगार साबित हो सकता है.

सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम से जुड़ सकेगा भार्गवास्त्र

आज के समय में ड्रोन युद्ध का एक बड़ा हथियार बन चुके हैं. ऐसे में भार्गवास्त्र को खासतौर पर दुश्मन के ड्रोन और अचानक होने वाले हवाई हमलों से निपटने के लिए तैयार किया गया है. इसकी खास बात यह है कि इसे सेना के C4I यानी कमांड और कम्युनिकेशन नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है. इससे सेना को ड्रोन की जानकारी जल्दी मिलेगी और जवाबी कार्रवाई करना आसान होगा.

गाड़ी पर लगाकर कहीं भी पहुंचाया जा सकता है

भार्गवास्त्र को मोबाइल सिस्टम की तरह बनाया गया है. इसे किसी वाहन पर आसानी से लगाया जा सकता है और जरूरत के हिसाब से एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर तैनात किया जा सकता है. इससे बॉर्डर एरिया या संवेदनशील जगहों पर इसे जल्दी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

स्वदेशी रॉकेट और माइक्रो मिसाइल से लैस

कंपनी के मुताबिक, इस सिस्टम में भारत में बने रॉकेट और सटीक निशाना लगाने वाली माइक्रो मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है. इनकी मदद से दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही खत्म किया जा सकता है. खासकर जब कई ड्रोन एक साथ हमला करने की कोशिश करें, तब यह सिस्टम काफी अहम भूमिका निभा सकता है.

रेगिस्तान से पहाड़ों तक कर सकता है काम

भार्गवास्त्र को अलग-अलग इलाकों में इस्तेमाल करने के हिसाब से तैयार किया गया है. कंपनी का दावा है कि इसे रेगिस्तान, मैदानी क्षेत्रों और समुद्र तल से करीब 5,000 मीटर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी तैनात किया जा सकता है.

10 किलोमीटर दूर तक ड्रोन को पहचानने की क्षमता

इस सिस्टम में खास रडार और सेंसर लगाए गए हैं., ये सेंसर करीब 10 किलोमीटर दूर तक उड़ रहे ड्रोन का पता लगा सकते हैं. इसके बाद सिस्टम ड्रोन को ट्रैक करता है और उसे रोकने के लिए कार्रवाई की जाती है.

ड्रोन वॉर के दौर में भारत की नई ताकत

दुनिया में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और कई देशों की सेनाएं इनका इस्तेमाल कर रही हैं. ऐसे समय में भारत का स्वदेशी भार्गवास्त्र रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. अगर इसे सेना में बड़े स्तर पर शामिल किया जाता है, तो यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा.