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भारत को मिली नई ऊर्जा ताकत, राजस्थान में शुरू हुई पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
भारत को मिली नई ऊर्जा ताकत, राजस्थान में शुरू हुई पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया. यह परियोजना भारत के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. इस रिफाइनरी से देश की ईंधन उत्पादन क्षमता बढ़ेगी. साथ ही पेट्रोकेमिकल उद्योग को भी मजबूती मिलेगी. इससे राजस्थान में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है.

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है. कई देशों में ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में भारत ने दूरदर्शिता और मजबूत रणनीति के साथ काम किया. इसी कारण देश इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सका.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने समय रहते हालात का सही आकलन किया और हर स्तर पर जरूरी कदम उठाए. उन्होंने बताया कि देश के संसाधनों का संतुलित उपयोग किया गया. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के अच्छे संबंधों और कूटनीतिक प्रयासों का भी सकारात्मक लाभ मिला. इन सभी फैसलों की वजह से देश में ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य बनाए रखा गया.

उन्होंने कहा कि जब कुछ लोग अफवाहें फैलाने और लोगों में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए थी. दिन और रात मेहनत करके ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई. उन्होंने कहा कि नीति और कूटनीति के स्तर पर उठाए गए कई महत्वपूर्ण कदमों का पूरा महत्व भविष्य में इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश की, लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं हुए. देश के अधिकांश हिस्सों में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी रही. केवल कुछ स्थानों पर मामूली दिक्कतें आईं, जिन्हें जल्द ही दूर कर दिया गया.

उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेल कंपनियों को लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. इस आर्थिक बोझ को सरकार ने अपने स्तर पर संभाला ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े. इसके अलावा सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी भी कम की. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में भी जनता को राहत देना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना है.