टीएनपी डेस्क (TNP DESK): दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक ने बड़ी रैली की. इस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा. रैली से पहले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला. इसके बाद रामलीला मैदान में सभा हुई. करीब चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम में 20 विपक्षी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. रैली अब खत्म हो चुकी है.
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी करवाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इसके लिए जेल जाना होगा. राहुल ने दावा किया कि देश में कई चुनावों में वोट चोरी हुई है. उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया.
राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी या नेता की नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि मोदी और अमित शाह के पास कितनी भी ताकत क्यों न हो, वे संविधान से बड़े नहीं हो सकते. विपक्ष इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी लड़ेगा और देश को न्याय दिलाने की कोशिश करेगा.
राहुल ने अपने भाषण में नफरत की राजनीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष का रास्ता नफरत का नहीं, बल्कि मोहब्बत का है. देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा.
खड़गे बोले- पाताल से भी खोजकर लाएंगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपने भाषण में मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सख्त रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार कहीं छिप भी जाएं, तो विपक्ष उन्हें खोजकर लाएगा और उन्हें जवाबदेह बनाएगा. उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है.
रैली में कौन-कौन से नेता हुए शामिल
रामलीला मैदान में हुई इस रैली में विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आए. इनमें लेफ्ट नेता एमए बेबी, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और राहुल गांधी शामिल रहे. सभी नेताओं ने बारी-बारी से सभा को संबोधित किया और SIR के खिलाफ अपनी बात रखी.
25 दिनों में सातवीं बार एकजुट हुआ विपक्ष
SIR के मुद्दे पर पिछले 25 दिनों में विपक्षी दल सातवीं बार एक साथ आए. इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच भी अलग-अलग जगहों पर छह बार विरोध प्रदर्शन किया गया था. रविवार की रैली के साथ विपक्ष ने एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई. करीब चार घंटे तक चले मार्च और सभा के बाद रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक का यह विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया. हालांकि, नेताओं के भाषणों से साफ है कि SIR और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष आने वाले दिनों में भी सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा.