टीएनपी डेस्क: चार लाख से अधिक कोयलाकर्मियों के लिए राहत की खबर सामने आई है. कोयला भविष्य निधि खातों पर ब्याज की घोषणा कर दी गई है. दर बढ़ी नहीं है ,तो घटी भी नहीं है. वित्तीय वर्ष 25 -26 में भी उन्हें 7.6% ब्याज मिलेगा। दरअसल, कोयला मंत्रालय ने 30 जून को जारी ब्याज दर की स्वीकृति के बाद सीएमपीएफ बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजा था. मंत्रालय के निर्देश के बाद कोयला खान भविष्य निधि संगठन के आयुक्त कार्यालय ने सभी न्यासी मंडल के सदस्यों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है. बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 25 -26 के लिए प्रत्येक सदस्य के खाते में 7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज जमा किया जाएगा।
कोयला खान भविष्य निधि संगठन कोयला मंत्रालय के अधीन एक संवैधानिक संस्था है.
कोयला खान भविष्य निधि संगठन कोयला मंत्रालय के अधीन एक संवैधानिक संस्था है. यह देश की कोयला खदानों में काम करने वाले कर्मियों के भविष्य निधि खातों का संचालन करता है. हर साल सरकार द्वारा तय की गई दर पर खाता धारकों को सूद दिया जाता है. दरअसल, 2000 में कोयलाकर्मियों को 12% की दर से ब्याज मिलता था. जो घटते- घटते अब 2025 में 7.6 0% हो गया है. 2024 में भी 7.6 0% ही था. जबकि उसके पहले के वर्ष में अधिक था. बता दें कि कोयलाकर्मियों को प्रोविडेंट फंड पर मिलने वाले ब्याज की दर बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक में तय होता है. इसके अध्यक्ष कोयला सचिव होते है.
ज्यादातर सदस्य सरकार के अधिकारी या उनके मनोनीत प्रतिनिधि होते है
ज्यादातर सदस्य सरकार के अधिकारी या उनके मनोनीत प्रतिनिधि होते है. ब्याज दर का निर्धारण बहुमत के आधार पर होता है. इसमें ट्रेड यूनियन के चार प्रतिनिधि भी बैठते है. यही वजह है कि यूनियन के बहुत विरोध का असर बैठक में नहीं हो पाता . कोयलाकर्मियों के मूल वेतन से 12 फ़ीसदी राशि कटती है. उतनी प्रतिशत राशि कोयला कंपनिया देती है. कोयला खान भविष्य निधि संगठन की स्थापना भारत सरकार के श्रम और नियोजन मंत्रालय के अधीन हुई थी. जिसका उदेश्य अंशदाता का हित सुनिश्चित करना था. संसद से पारित अधिनियम के तहत CM PF miscellaneous rules, 1948 बना था. जिसके तहत इस संगठन को अधिकृत किया गया था कि नियोक्ता अगर अंशदाता से काटी गई राशि को समय पर CMPF0 में जमा नहीं करता है, तो नियोक्ता को दंडित कर सकता है.
