कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन, मेडल तालिका में बनाई बढ़त
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पदकों की झड़ी लगा दी है. भारतीय मुक्केबाजों, जुडोका और एथलीटों ने असाधारण खेल का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कई स्वर्ण और रजत पदक हासिल किए हैं. प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत मेडल तालिका में शीर्ष 4 टीमों में बना हुआ है.
जूडो स्पर्धा में अस्मिता डे और हर्ष सिंह के स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही मुक्केबाजी रिंग में भी भारतीय फाइटर्स का दबदबा देखने को मिला. भारतीय खेल प्रेमियों में इस शानदार प्रदर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह है और खेल मंत्रालय ने भी खिलाड़ियों के इस ऐतिहासिक प्रयास की जमकर सराहना की है.
भारत-चीन सिल्क रूट 6 साल बाद पुनः खुला, व्यापार में आएगी तेजी
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित ऐतिहासिक 'शिपकी ला' दर्रा (सिल्क रूट) पूरे छह साल के लंबे अंतराल के बाद स्थानीय व्यापार के लिए फिर से खोल दिया गया है. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी और सीमा तनाव के कारण इसे बंद कर दिया गया था. इस रूट के खुलने से भारत और चीन के बीच पारंपरिक और स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.
स्थानीय व्यापारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों ने इस कदम का जोरदार स्वागत किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार होगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक बार फिर संजीवनी मिलेगी.
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा: अमेरिका ने जारी की चेतावनी, ईरान के साथ तल्खी कायम
मिडिल ईस्ट में सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. अमेरिकी प्रशासन ने क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और ड्रोन हमलों के जोखिम के बीच अपने नागरिकों को तुरंत प्रभाव से संबंधित क्षेत्रों को खाली करने की सख्त चेतावनी जारी की है. खाड़ी देशों में वाणिज्यिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमलों की आशंका बढ़ गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति और रक्षा विभाग पेंटागन ने किसी भी दुस्साहस का कड़ा जवाब देने का ऐलान किया है. इस अशांति के कारण वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन गई है और संयुक्त राष्ट्र ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है.
मानसून 2026: देश के कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, केंद्र ने राहत फंड जारी किया
देशभर में मानसून का प्रकोप जारी है और गुजरात, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तर-पूर्व के राज्यों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. कई स्थानों पर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित हो गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों की मदद के लिए तत्काल ₹2,117 करोड़ का वित्तीय पैकेज जारी किया है.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. लोगों से नदियों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: 'समुद्र मंथन' योजना के लिए 84 हजार करोड़ की मंजूरी
भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक दूरगामी और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगभग 84,084 करोड़ रुपये की लागत वाली 'राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना' को मंजूरी दी है, जिसे व्यापक रूप से 'समुद्र मंथन' नाम दिया जा रहा है.
इस विशाल परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्रों (Offshore Regions) में तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की व्यापक खोज करना है. इस योजना से आने वाले वर्षों में भारत की अन्य देशों पर ईंधन निर्भरता कम होने और देश में भारी निवेश व रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
