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सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसले से लेकर उत्तर भारत में मॉनसून का कहर तक, जाने देश की प्रमुख खबरें

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: न्यायिक सेवा में जज बनने के लिए अब केवल 1 साल का वकालत अनुभव जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने देश में न्यायिक सेवाओं (Judicial Services) के प्रवेश नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. नए नियमों के अनुसार, अब सिविल जज बनने या न्यायिक परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 3 साल के स्थान पर केवल 1 साल का वकालत का अनुभव होना ही पर्याप्त होगा.

अदालत के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश के प्रतिभाशाली और युवा कानून स्नातकों को बिना लंबी प्रतीक्षा के शीघ्र न्यायपालिका का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करना है. इस कदम से हजारों लॉ ग्रेजुएट्स और अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है.

लुसाने डायमंड लीग: भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा 88.14 मीटर भाला फेंककर दूसरे स्थान पर रहे

भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है. नीरज ने अपने इस मुकाबले में 88.14 मीटर का थ्रो करके अपने इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Season Best) दर्ज किया.

हालांकि, प्रतियोगिता में श्रीलंका के पाथिरागे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया. इस प्रदर्शन के बाद नीरज चोपड़ा आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों को लेकर काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं और उन्होंने इस प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी अंतरराष्ट्रीय लय को सफलतापूर्वक बनाए रखा है.

उत्तर भारत में मॉनसून का कहर: गंगा और अन्य नदियां खतरे के निशान के पास, कई शहर जलमग्न

उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है, जिससे तटीय व निचले इलाकों के रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

कई प्रशासनिक थानों और आवासीय गलियों में पानी भर गया है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके और राहत कार्य तेजी से चलाए जा सकें.

गृह मंत्री अमित शाह का बयान: सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा और लद्दाख में हाई कोर्ट बेंच को मंजूरी

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक में जोर देते हुए कहा कि जब तक सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक देश पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह सकता. उन्होंने पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए हैं.

इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने लद्दाख क्षेत्र के निवासियों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वहां हाई कोर्ट की एक नई बेंच स्थापित करने की औपचारिक मंजूरी भी प्रदान कर दी है.

जंतर-मंतर पर आरक्षण व UGC के नियमों के खिलाफ भारी प्रदर्शन, आर्थिक आधार की उठी मांग

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों लोगों और छात्रों के समूहों ने एकजुट होकर यूजीसी (UGC) के नए नियमों और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व हल्ला बोल किया. प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी है कि वर्तमान में जाति आधारित व्यवस्था के स्थान पर आर्थिक स्थिति को आरक्षण देने का प्राथमिक आधार बनाया जाना चाहिए.

इसके अलावा, एससी/एसटी (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए कानूनों में जरूरी सुधार करने की मांग भी उठाई गई है. स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई.