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2 दिन से नहीं मिला खाना, तो भाई-भाभी और मासूम भतीजे को गड़ासे से उतारा मौत के घाट, गिरफ़्तारी पर पूछा-जेल में खाना मिलेगा ना....

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
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टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जब पेट में अन्न का एक दाना ना हो तो इंसान अपनी भूख मिटाने के लिए कई हथकंडे अपनाता है. पर यह घटना सुनकर आप इस सोच में पद जाएंगे की भूख इंसान को किस हद लेकर जा सकती है जहां मानवता भी तार-तार हो जाती है. दरअसल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जहां महज 16 वर्षीय किशोर ने अपने ही बड़े भाई, भाभी और तीन साल के मासूम भतीजे की निर्मम हत्या कर दी. वारदात उस समय हुई जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था. इस खौफनाक घटना की इकलौती चश्मदीद 9 वर्षीय भतीजी बनी, जिसने अपने चाचा को हत्या करते हुए देख लिया और चीखते हुए कमरे से बाहर भाग गई.

घटना बांसगांव थाना क्षेत्र के बलुआ गांव की है. बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे आरोपी किशोर हाथ में गड़ासा लेकर बड़े भाई के कमरे में पहुंचा. कमरे में उसका भाई, भाभी और दोनों बच्चे सो रहे थे. आरोपी ने सोते हुए बड़े भाई, भाभी और तीन वर्षीय भतीजे पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमला इतना अचानक और भयावह था कि किसी को संभलने या बचाव का मौका तक नहीं मिला. तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. चीख सुनकर घर के अन्य सदस्य जाग गए. जब पिता कमरे में पहुंचे तो वहां खून से लथपथ शव पड़े थे और आरोपी हाथ में हथियार लेकर बाहर निकल रहा था. वारदात के बाद वह सीधे घर की ऊपरी मंजिल पर जाकर बैठ गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया.

पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो वजह बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया. उसने दावा किया कि भाभी ने उसे दो दिनों से खाना नहीं दिया था, इसलिए उसने गुस्से में यह कदम उठा लिया. इतना ही नहीं, उसने पुलिस से यह भी पूछा कि जेल में उसे खाना मिलेगा या नहीं. हालांकि पुलिस इस बयान के साथ-साथ अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है. प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और संपत्ति तथा दुकान को लेकर चल रही तनातनी की बात भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक परिवार की किराना दुकान पर पहले छोटा भाई बैठता था, लेकिन बड़े भाई के गांव लौटने के बाद उसे आशंका होने लगी थी कि दुकान पर उसका नियंत्रण कम हो जाएगा. इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था.

मृतक अमित गुप्ता की शादी करीब 15 साल पहले हुई थी. उनकी 9 वर्षीय गोद ली हुई बेटी और तीन वर्षीय बेटा था. घटना के दौरान बेटी बच गई और उसने ही परिवार को पूरी वारदात की जानकारी दी. बच्ची के बयान ने इस हत्याकांड की भयावहता को और भी बढ़ा दिया है. पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी किशोर से गहन पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है. वहीं मनोचिकित्सकों का मानना है कि इस तरह की हिंसक घटना गंभीर मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक तनाव का परिणाम हो सकती है. फिलहाल पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं.

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