INDIA

कोकरोच का आज आखिरी अल्टीमेटम, प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो होगा बड़ा आंदोलन

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
कोकरोच का आज आखिरी अल्टीमेटम, प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो होगा बड़ा आंदोलन

टीएनपी(TNP): दिल्ली का जंतर-मंतर पिछले कुछ सालों में देश के बड़े जनआंदोलनों की सबसे अहम जगह बनकर उभरा है. किसानों के आंदोलन से लेकर महिला पहलवानों के धरने और NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन तक, कई बड़े मुद्दों पर लोगों ने यहीं से अपनी आवाज बुलंद की है. पिछले कई दिनों से Cockroach Janta Party (CJP) के कार्यकर्ता भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. अब एक बार फिर यह जगह राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बनने जा रही है. इसी आंदोलन के मंच से लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है.

सोनम वांगचुक का कहना है कि उनका यह अनशन सरकार का ध्यान उन मुद्दों की ओर दिलाने के लिए है, जिन पर लंबे समय से कार्रवाई की मांग की जा रही है. उनका आरोप है कि कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और सरकार से बातचीत की कोशिश करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसी वजह से उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन का फैसला लिया है.

यह भूख हड़ताल 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू होगी. आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं लेती. इस प्रदर्शन में किसानों, शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है.

सोनम वांगचुक और Cockroach Janta Party का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार से जवाबदेही तय कराना और लोगों से जुड़े अहम मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की मांग करना है. दोनों ने देशभर के लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर इस शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है.

Cockroach Janta Party के कार्यकर्ता 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं. अब 28 जून से सोनम वांगचुक भी इसी आंदोलन के मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में जंतर-मंतर एक बार फिर देश के सबसे बड़े जनआंदोलनों का केंद्र बन सकता है.