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बड़ी खबर: कोयला अधिकारियों के महारत्न पे स्केल पर फंस सकता है पेंच,कोयला मंत्रालय को एरियर राशि पर आपत्ति 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

TNP DESK- कोयला अधिकारियों को निराशा हाथ लग सकती है. महारत्न पे स्केल पर पेंच फंस सकता है. सूत्रों के अनुसार कोयला अधिकारियों के वेतन वृद्धि को लेकर लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ एरियर भुगतान के प्रस्ताव पर कोयला मंत्रालय ने आपत्ति जताई है. अभी हाल ही में जबलपुर हाईकोर्ट में अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अधिकारियों के पक्ष में फैसला दिया था. 

इसके बाद कोल इंडिया ने जो कोयला मंत्रालय के पास एरियर का प्रस्ताव भेजा है. उस पर कोयला मंत्रालय ने आपत्ति जताई है. इसके बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि उनके एरियर भुगतान पर पेंच फंस सकता है .महारत्न कंपनी के पे स्केल में भी बाधा आ सकती है. इसके संकेत भारतीय मजदूर संघ के कोयला प्रभारी सह जेबीसीसीआई सदस्य के लक्ष्मा रेड्डी ने धनबाद में दी है. 

उल्लेखनीय है कि कोल इंडिया की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है. एनटीपीसी जैसे कई बड़े कोयला उपभोक्ताओं को कोयला ब्लॉक मिल जाने से कोल इंडिया से पहले के मुकाबले कम कोयला ले रहे हैं. कई बिजली कंपनियों ने भी कोयला लेना बंद कर दिया है. यही वजह है कि कोल इंडिया के कोयले की मांग घटी है और कोयले का स्टॉक लगातार बढ़ रहा है. यह कोल इंडिया के लिए बहुत बड़ी चुनौती है. 

कोल इंडिया के सामने यह भी एक बड़ी चुनौती है कि ज्यादा कोयले का उत्पादन कर स्टॉक नहीं किया जा सकता है. यह अलग बात है कि कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल ने कोयला बेचने के लिए ऑफर भी निकाला था. कोयल की बिक्री पर रिबेट योजना चालू हुई थी. उस प्रक्रिया में कोयले की बिक्री बढ़ी भी थी और कोयले का स्टॉक भी कम हुआ था. दरअसल निजी कंपनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन हो जाने से उनके पास पर्याप्त कोयला हो जा रहा है. कोयला उद्योग में निजी कंपनियों का तेजी से प्रवेश हुआ है. इस वजह से कोल इंडिया के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.