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बड़ी खबर: उज्जैन के महाकाल मंदिर में मची भगदड़! कई श्रद्धालु घायल

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): सावन की तीसरी सोमवारी पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई. देखते ही देखते लाइन में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई श्रद्धालु बैरिकेडिंग से टकराकर घायल हो गए. घटना के बाद घायलों को तत्काल चरक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

जानकारी के मुताबिक, महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास दर्शन के लिए बनाए गए बैरिकेडिंग क्षेत्र में श्रद्धालुओं की कतार लगी थी. इसी दौरान डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह फैल गई. अचानक अफवाह से लोगों में डर पैदा हो गया और कतार में खड़े श्रद्धालु सुरक्षित जगह की ओर जाने के लिए तेजी से आगे बढ़ने लगे.

इस दौरान स्थिति कुछ देर के लिए बेकाबू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. कई श्रद्धालु गिर पड़े, जबकि कुछ लोग बैरिकेडिंग से टकराकर घायल हो गए. मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया. इसके बाद दर्शन व्यवस्था को दोबारा सामान्य किया गया.

कई श्रद्धालु घायल, चरक अस्पताल में इलाज
घटना में घायल श्रद्धालुओं को एंबुलेंस और अन्य माध्यमों से चरक अस्पताल ले जाया गया. घायलों में उज्जैन के ढांचा भवन निवासी हिंदू बाई, किशनपुरा निवासी 19 वर्षीय सागर, ढांचा भवन निवासी लक्ष्मीबाई और गंजबासौदा निवासी अनसूया व उनकी मां ममता शामिल हैं. इसके अलावा गुजरात के सिलवासा निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर निवासी 18 वर्षीय सोनम, बिहार के दरभंगा निवासी सुजीत कुमार, ग्वालियर निवासी खुशी तथा गुजरात के वलसाड निवासी तुलसी और उनकी मां रेखा बाई भी घायल हुई हैं. बताया जा रहा है कि भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है. अस्पताल में सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

अफवाह के बाद मची थी अफरा-तफरी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत करंट फैलने की अफवाह से हुई. अफवाह कितनी सही थी और वास्तव में डीपी के पास कोई विद्युत समस्या थी या नहीं, इसकी स्थिति प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. फिलहाल घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण महाकाल मंदिर में पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. ऐसे में दर्शन कतार में अचानक अफवाह फैलने से स्थिति तेजी से बिगड़ गई. हालांकि पुलिस और प्रशासन की तत्परता से हालात को जल्द नियंत्रित कर लिया गया. हालांकि घटना के बाद कुछ समय तक दर्शन व्यवस्था प्रभावित रही, लेकिन प्रशासन ने स्थिति संभालने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही को फिर से व्यवस्थित कर दिया. फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है.

घटना ने भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर अफवाहों से निपटने और आपात स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और किसी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सुरक्षाकर्मियों को सूचना दें.