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अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी कांड: पढ़िए बहुचर्चित मामले के पूरी अपडेट कहानी, टाइम लाइन के साथ 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी कांड: पढ़िए बहुचर्चित मामले के पूरी अपडेट कहानी, टाइम लाइन के साथ 

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी कांड को लेकर पुलिस का एक्शन तेज है. आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और लगभग 80 लाख रुपए बरामद किए गए हैं. चंदा चोरी को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस का एक्शन तेज हुआ है. दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी ने 6 दिनों तक जांच की. उसके बाद प्रारंभिक रिपोर्ट दी, तब जाकर मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंचा. जांच के दौरान मिले सबूत, पूछताछ के आधार पर 8 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया.  

अब तक इस चर्चित मामले में क्या-क्या हुआ

आइये जानते हैं कि अब तक इस चर्चित मामले में क्या-क्या हुआ है. 7 जून को सबसे पहले अयोध्या के एक स्थानीय नेता ने इस मामले का खुलासा किया. इसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर इसे पोस्ट किया, तो खलबली मच गई. ट्रस्ट के साथ ही सरकार पर हमले होने लगे. मामले में राजनीतिक दल भी कूद गए. उसके बाद चौतरफा दबाव पड़ा, तो मुख्यमंत्री से जांच की अपील की गई. इसके बाद मुख्यमंत्री ने लखनऊ के कमिश्नर के नेतृत्व में तीन सदस्य विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया. 

एसआईटी गठन होने के बाद 15 जून को टीम अयोध्या पहुंची थी 

एसआईटी गठन होने के बाद 15 जून को टीम अयोध्या पहुंची, जांच के पहले दिन एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली. इसके अलावा चंदा गिनती से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की. टीम ने पूरी प्रक्रिया को जाना और समझा. 16 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से लगभग 4 घंटे तक पूछताछ हुई. टीम ने ट्रस्ट के पिछले 11 महीने के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की. चंदा गिनती से जुड़े कर्मचारियों से फिर पूछताछ की गई.

17 जून को जांच टीम बैंकिंग प्रणाली को पूरी तरह से समझा
 
फिर 17 जून को जांच टीम बैंकिंग प्रणाली को समझा, एसआईटी ने बैंक अधिकारियों और नोट गिनने वाली निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की. बैंक स्टेटमेंट, जमा राशि और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान किया गया. फिर 18 जून को टीम मंदिर में 10 घंटे तक रही. ट्रस्ट सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा से 4 घंटे तक पूछताछ की गई. जबकि आरोपी टीनू यादव से करीब डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब हुए. दोनों के बयानों का मिलान कर कई तथ्यों को पुख्ता किया गया. फिर 19 जून को चंपत राय, डॉक्टर अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव से अलग-अलग पूछताछ की गई. साथ ही स्टेट बैंक की शाखा के प्रबंधक और कैशियर से भी जानकारी ली गई. टीम ने चंदा के संग्रहण और बैंक में जमा होने की पूरी प्रक्रिया की जांच पड़ताल की. 

23 जून को एसआईटी ने लगभग 20 पन्नों की रिपोर्ट दी 
 
फिर 20 जून को समिति ने आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां जुटाई. विभिन्न दस्तावेजों, बयानों और तकनीकी सबूत को एकत्र कर लखनऊ रवाना हो गई. 23 जून को एसआईटी ने लगभग 20 पन्नों की अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को सौंप दी. रिपोर्ट में जांच के दौरान मिले तथ्य और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया था. एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के 48 घंटे के भीतर गिनती में लगे 8 कर्मचारियों और सेवादारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. एफआईआर दर्ज होने के साथ ही सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया. उनसे पूछताछ  शुरू हुई और अगले दिन 26 जून को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. 

80 लाख  रुपए बरामद होने के बाद भी छापेमारी तेज 
 
पूछताछ के आधार पर और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 80 लाख रुपए बरामद किये. आठ लोगों की गिरफ्तारी और रुपए बरामद होने के बाद यह साफ हो गया की मंदिर से चोरी हो रही थी. आरोपो को गलत बताने वाले महासचिव चंपत राय पर दबाव बढ़ गया. ऐसे में उन्होंने इस्तीफा दे दिया. उनके साथ ही ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया. इधर, 28 जून को चंदा चोरी में गिरफ्तार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने रविवार को सबूत जुटाना शुरू कर दिया. पुलिस की कई टीम सभी आरोपियों के यहां छापेमारी शुरू की. पुलिस के साथ राजस्व विभाग की टीम रही. जिससे कि आरोपियों की हैसियत का पता लगाया जा सके. जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें रामाशंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, लव कुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल है.