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महंगाई का एक और झटका! चीनी-प्याज के बाद अब महंगी हुई दाल, जानें नई कीमत

Samiksha Singh
Samiksha Singh
Sr. Content Writer

Tnp desk: महंगाई डाइन खाये जात है..... यह कहावत इन दिनों चरितार्थ होती दिख रही है. आम आदमी की रसोई पर महंगाई का असर लगातार देखने को मिल रहा है. चीनी और प्याज के दामों में उछाल के बाद अब दालों की कीमतों में भी तेजी की खबर सामने आई है. उड़द से लेकर अरहर तक कई दालों के भाव बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.

दाल भारतीय घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख खाद्य वस्तुओं में शामिल है. ऐसे में इसके दाम बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है.

उड़द से अरहर और मसूर दाल तक के बढ़े दाम

बाजार में उड़द, अरहर समेत कुछ प्रमुख दालों के भाव में तेजी देखने को मिल रही है. स्थानीय खुदरा बाजारों में खुली उड़द दाल की कीमत 120-150 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है. वहीं खुली मसूर दाल के भाव 110-130 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. पैकेज्ड दालों की कीमत 140-149 के बीच  है.वही अलग-अलग ईकामर्स प्लेटफॉर्म्स पर पैकेज्ड दाल की कीमत भी बढ़ी है. कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में बदलाव के पीछे उपलब्धता, मांग और मंडी के मौजूदा भाव जैसे कई कारण हो सकते हैं.

हालांकि अलग-अलग शहरों और बाजारों में दालों के दाम अलग हो सकते हैं. खुदरा बाजार में कीमत थोक भाव, स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर तय होती है.

रसोई का बजट बिगड़ने की चिंता

दालों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है.पहले से ही कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम में उतार-चढ़ाव के बीच दाल महंगी होने से घर का खर्च बढ़ने की चिंता है.

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना कर लें. थोक बाजार और खुदरा बाजार की कीमतों में भी अंतर हो सकता है.

क्यों बढ़ रहे हैं दालों के दाम?

दालों की कीमतों में तेजी के पीछे कई वजहें हो सकती हैं.इनमें उत्पादन, मौसम का असर, मंडियों में आवक, मांग और बाजार में उपलब्ध स्टॉक प्रमुख हैं. किसी खास दाल की सप्लाई कम होने पर उसके भाव में तेजी देखी जा सकती है.