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क्या आपकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी है, तो फिर से एक्टिव कराने का है मौका, जानें जरूरी नियम

Varsha Varma CE
Copy Editor
क्या आपकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी है, तो फिर से एक्टिव कराने का है मौका, जानें जरूरी नियम

 टीएमपी डेस्क(TNP DESK): कभी पैसों की तंगी, कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियां और कभी अचानक आई मुश्किलें... इन सबके बीच कई लोग अपनी बीमा पॉलिसी का प्रीमियम समय पर जमा नहीं कर पाते. धीरे-धीरे पॉलिसी लैप्स हो जाती है और भविष्य की वह सुरक्षा, जिस पर परिवार का भरोसा टिका होता है, अधर में लटक जाती है. अगर आपकी डाक जीवन बीमा (PLI) या ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) पॉलिसी भी बंद हो चुकी है, तो अब चिंता छोड़ दीजिए. भारतीय डाक विभाग आपके लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है. विभाग ने निष्क्रिय पड़ी पॉलिसियों को दोबारा सक्रिय कराने की सुविधा शुरू की है, ताकि आपकी सालों की मेहनत की कमाई और परिवार की आर्थिक सुरक्षा फिर से मजबूत हो सके.

 बड़ी संख्या में ऐसे ग्राहक हैं जिनकी पॉलिसियां नियमित प्रीमियम जमा न होने के कारण लैप्स हो गई हैं. पॉलिसी लैप्स होने के बाद न केवल बीमा सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य में मिलने वाले लाभों पर भी असर पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने रीवीवल की सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि ग्राहक अपनी पुरानी पॉलिसी को दोबारा सक्रिय कर सकें.

डाक जीवन बीमा अधिनियम-2011 के तहत लैप्स हो चुकी पॉलिसियों को पुनर्जीवित करने का प्रावधान है. इसके लिए पॉलिसीधारक को प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आमतौर पर ग्राहक को अपने अच्छे स्वास्थ्य से संबंधित प्रमाण दिखाना होता है. जरुरी दस्तावेजों और शर्तों की जानकारी पास के डाकघर से ले सकते है. विभाग ने ग्राहकों से आग्रह किया है कि वे अपने आसपास के डाकघर में संपर्क कर जल्द से जल्द पुनर्जीवन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि पॉलिसी से मिलने वाले लाभ फिर से शुरू हो सकें.

डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा देश की सबसे भरोसेमंद बीमा योजनाओं में गिनी जाती हैं. भारत सरकार के संरक्षण में संचालित इन योजनाओं में कम प्रीमियम के साथ अच्छा बोनस मिलता है. यही वजह है कि लाखों लोग लंबे समय से इन योजनाओं पर भरोसा करते आ रहे हैं.

इन योजनाओं में बीमा सुरक्षा के अलावा कई दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं. इनमें आयकर लाभ, ऋण सुविधा और कई सुविधाएं शामिल हैं. डिजिटल इंडिया अभियान के तहत डाक विभाग ने प्रीमियम भुगतान की व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है. अब पॉलिसीधारक अलग-अलग डिजिटल माध्यमों से आसानी से भुगतान कर सकते हैं.

यूपीआई, क्यूआर कोड, पेटीएम, फोनपे, गूगल पे, भीम यूपीआई, बैंक खाते और डाकघर खातों के जरिए ऑनलाइन प्रीमियम जमा किया जा सकता है. इसके अलावा ग्राहक देश के किसी भी डाकघर में जाकर भी भुगतान कर सकते हैं. इससे समय पर प्रीमियम जमा करना और पॉलिसी को सक्रिय बनाए रखना पहले से कहीं आसान हो गया है.

जीवन बीमा केवल निवेश परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार होता है. किसी भी परिस्थिति में यह परिवार को आर्थिक सहारा देता है. इसलिए यदि आपकी PLI (पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस) और RPLI (रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस) पॉलिसी लैप्स हो चुकी है, तो उसे दोबारा सक्रिय कराना समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है. डाक विभाग ने सभी पॉलिसीधारकों से समय पर प्रीमियम जमा करने और अपनी पॉलिसियों को नियमित रूप से सक्रिय बनाए रखने की अपील की है, ताकि वे बीमा सुरक्षा के साथ बेहतर रिटर्न और बोनस का लाभ लें सकें.