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रिलीज के 2 दिन बाद ही क्यों हटी दिलजीत की ‘सतलुज’,उठा सवाल

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
रिलीज के 2 दिन बाद ही क्यों हटी दिलजीत की ‘सतलुज’,उठा सवाल

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है. यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर रिलीज होने के कुछ ही दिनों बाद भारत में हटा दी गई है. सिर्फ दो दिन के अंदर इसे प्लेटफॉर्म से हटाने के फैसले ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर फिल्म को दोबारा क्यों रोक दिया गया.

इस फिल्म की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है. खालरा ने 80 और 90 के दशक में पंजाब में कथित तौर पर हुई मानवाधिकार हनन की घटनाओं को उजागर किया था. उन्होंने दावा किया था कि उस समय कई अज्ञात शवों का बिना परिवार की जानकारी के गुप्त रूप से अंतिम संस्कार किया गया था. उनकी इस जांच ने पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा था.

खालरा के काम के बाद उन्हें गंभीर विरोध का सामना करना पड़ा और बाद में उनका अपहरण कर लिया गया. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों को दोषी भी ठहराया गया था. इसी संवेदनशील और विवादित पृष्ठभूमि पर यह फिल्म आधारित है, जिस कारण इसे लेकर शुरू से ही विवाद बना हुआ है.

फिल्म का पुराना नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे बाद में बदलकर ‘सतलुज’ किया गया. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी CBFC ने इस फिल्म को सर्टिफिकेट देने में कई आपत्तियां जताई थीं. रिपोर्ट्स के अनुसार बोर्ड ने फिल्म में बड़ी संख्या में कट लगाने की मांग की थी. फिल्म निर्माताओं का कहना था कि सुझाए गए बदलाव कहानी के मूल संदेश को ही बदल देते हैं. इसी कारण फिल्म लंबे समय तक रिलीज नहीं हो पाई थी.

हाल ही में जब यह फिल्म Zee5 पर रिलीज हुई तो दर्शकों में इसे लेकर उत्साह देखा गया. लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसे भारत में हटा दिया गया. प्लेटफॉर्म ने इस फैसले पर कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन केवल इतना कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फिल्म को फिलहाल रोक दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया कि वे सही प्रक्रिया के तहत जल्द समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

फिल्म के हटने के बाद एक बार फिर इसके विषय पर बहस तेज हो गई है. कई लोग इसे इतिहास और मानवाधिकार से जुड़ी महत्वपूर्ण कहानी मानते हैं, जबकि कुछ इसे संवेदनशील और विवादित विषय बताते हैं. फिल्म में कथित फर्जी एनकाउंटर, प्रशासनिक कार्रवाई और उस दौर की राजनीतिक स्थिति को दिखाया गया है, जिस कारण यह और ज्यादा चर्चा में आ गई है.

फिल्म ‘सतलुज’ को हनी त्रेहान ने निर्देशित किया है. इसमें दिलजीत दोसांझ, अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म पंजाब के उस दौर की घटनाओं पर आधारित है, जिसे कई लोग आज भी एक काला अध्याय मानते हैं.

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इस तरह की फिल्मों को बिना किसी बाधा के दर्शकों तक पहुंच मिलनी चाहिए या फिर इन्हें पहले पूरी तरह जांच और मंजूरी के बाद ही रिलीज किया जाना चाहिए.