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कोयला चोरी : MMDR एक्ट की धरा 22 और 24 में क्या मिले हैं अधिकार ,अब कैसे तुरंत हो सकता है एक्शन 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
कोयला चोरी : MMDR एक्ट की धरा 22 और 24 में क्या मिले हैं अधिकार ,अब कैसे तुरंत हो सकता है एक्शन 

धनबाद(DHANBAD): कोयला चोरी का दंश  झेल रहे कोयलांचल में इस बात की खूब चर्चा है कि MMDR एक्ट  के तहत कोयला अधिकारियों और सीआईएसएफ को क्या अधिकार मिला है. पुलिस अधिकारियो पर कितनी निर्भरता कम होगी।  दरअसल, कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में अवैध खनन और कोयला चोरी की घटनाओं पर अंकुश के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.  कोयला मंत्रालय ने पहली  जुलाई को खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 195 7 MMDR एक्ट की धारा 22 एवं 24 के तहत अधिसूचना जारी किया है.  

 इसके तहत बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल सहित अन्य कंपनियों  के अधिकारियों को वैधानिक शक्तियां प्रदान की गई है.  अधिसूचना में क्षेत्रीय महाप्रबंधक(खनन),  परियोजना पदाधिकारी, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय नोडल सुरक्षा अधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) तथा सीआईएसएफ के कमांडेंट से लेकर सहायक कमांडेंट तक को अधिकृत किया गया है.  दरअसल, धारा 22 में किसी भी अपराध में न्यायालय तभी संज्ञान लेता  है, जब केंद्रीय या  राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी शिकायत दर्ज कराये। 

 धारा 24-- अधिकृत अधिकारी को खदान,  गोदाम अथवा अन्य स्थान का निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा जरूरी होने पर दस्तावेज, खनिज अथवा अन्य सामग्री जब्त  करने का अधिकार होगा।  अधिसूचना लागू होने के बाद अधिकृत अधिकारी एमएमडीआर एक्ट की धारा 22 एवं 24 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग कर सकेंगे।  इसके तहत अवैध खनन, अवैध परिवहन, बिना वैध  अनुमति के कोयले के उत्खनन, भंडारण एवं खनिज संबंधी अन्य अपराधों में मौके पर जांच, निरीक्षण तलाशी और जब्ती  की कार्रवाई की जा सकेगी।  साथ ही  जरूरी होने पर विधिक  कार्रवाई प्रारंभ कर अभियोजन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकेगी।  इस गजट में कोल इंडिया लिमिटेड की  सभी अनुषंगी  कंपनियों एवं नवेली लिग्नाइट कंपनी के लिए अधिकारियों को अधिकृत किया गया है.