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सावधान! जनगणना के नाम पर ठगी का नया जाल, जानकारी देते ही मिनटों में उड़ रहे पैसे,जानिए कैसे रहे अलर्ट

Varsha Varma CE
Copy Editor
सावधान! जनगणना के नाम पर ठगी का नया जाल, जानकारी देते ही मिनटों में उड़ रहे पैसे,जानिए कैसे रहे अलर्ट

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देश में आगामी जनगणना की तैयारियों की चर्चा शुरू होते ही साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका खोज लिया है. अब ठग ‘डिजिटल जनगणना’ का नाम लेकर आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं. खुद को सरकारी प्रगणक या सर्वे अधिकारी बताने वाले ये शातिर अपराधी फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं और जनगणना प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उनकी गोपनीय जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

बोकारो जिले के चास क्षेत्र समेत कई इलाकों में इस तरह की संदिग्ध कॉल्स की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन और साइबर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें.

कैसे काम कर रहे हैं साइबर ठग

साइबर अपराधी बेहद पेशेवर अंदाज में लोगों को फोन करते हैं और खुद को जनगणना विभाग का कर्मचारी बताते हैं. वे दावा करते हैं कि आपके घर का प्रारंभिक सर्वे पूरा हो चुका है और अब डिजिटल फॉर्म को अंतिम रूप देने के लिए कुछ जानकारी की जरूरत है.

इसके बाद कॉल करने वाला व्यक्ति कहता है कि आपके मोबाइल पर एक OTP भेजा जाएगा, जिसे सत्यापन के लिए बताना जरूरी है. कई लोग सरकारी प्रक्रिया समझकर OTP साझा कर देते हैं. जैसे ही OTP ठगों के हाथ लगता है, वे बैंक खातों तक पहुंच बनाने, ऑनलाइन लेनदेन करने या मोबाइल डिवाइस का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करते हैं.

जनगणना के नाम पर कोई नहीं मांगता बैंक या OTP की जानकारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक से बैंक खाता संख्या, एटीएम विवरण, OTP, पासवर्ड, आधार से जुड़ी गोपनीय जानकारी या अन्य वित्तीय डेटा नहीं मांगा जाता. जनगणना कर्मी यदि मोबाइल नंबर लेते भी हैं, तो उसका उद्देश्य केवल यह होता है कि जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को आधिकारिक पुष्टि संदेश भेजा जा सके. इसलिए यदि कोई व्यक्ति जनगणना के नाम पर निजी या वित्तीय जानकारी मांगता है, तो उसे तुरंत संदिग्ध समझना चाहिए.

मोबाइल हैकिंग का भी बढ़ा खतरा

कई साइबर गिरोह लोगों को लंबे समय तक बातचीत में उलझाकर आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे मामलों में मोबाइल डिवाइस को भी निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि किसी भी संदिग्ध कॉल पर ज्यादा देर तक बातचीत न करें और यदि कोई व्यक्ति बार-बार OTP या अन्य निजी जानकारी मांग रहा हो, तो तुरंत कॉल काट दें.

साइबर एक्सपर्ट की जरूरी सलाह

  • किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP साझा न करें.
  • जनगणना, बैंक, केवाईसी या सरकारी योजना के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल्स से सावधान रहें.
  • फोन पर वित्तीय जानकारी या पासवर्ड कभी न बताएं.
  • संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत बातचीत समाप्त करें.
  • किसी भी धोखाधड़ी की आशंका होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं.

डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं. जनगणना के नाम पर शुरू हुई यह नई ठगी भी उसी का हिस्सा है. थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता आपको बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है. याद रखें, कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर OTP या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती. इसलिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें.