टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड के उन युवाओं के लिए अच्छी खबर है, जो IAS और IPS अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते. अब ऐसे युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए आर्थिक बोझ उठाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि राज्य सरकार हर साल 100 होनहार अभ्यर्थियों को UPSC, JPSC और दूसरे राज्यों की सिविल सेवा परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक नई योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा. योजना लागू होने के बाद ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल सकेगा.
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस योजना का नाम 'सीएम ट्रेनिंग एंड मेंटरशिप स्कीम फॉर सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन' रखा है. इसके संचालन के लिए रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज को भागीदार बनाने का प्रस्ताव है. योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों से पढ़ने, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री प्राप्त करने और नियमित टेस्ट व मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद रांची सेंट जेवियर्स कॉलेज और झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा. इसके बाद योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
आवेदक का झारखंड का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य होगा.
अभ्यर्थी के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
स्थानीय निवासी होने का प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होना जरूरी है.
इसके विकल्प के तौर पर झारखंड के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से 10वीं और 12वीं या डिप्लोमा उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा.
अभ्यर्थी को संबंधित सिविल सेवा परीक्षा की शैक्षणिक और अन्य निर्धारित योग्यताएं पूरी करनी होंगी.
जो विद्यार्थी पहले इस योजना का लाभ ले चुके हैं, उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा.
ऑनलाइन आवेदन के बाद मेरिट से होगा चयन
योजना के लिए हर साल रांची सेंट जेवियर्स कॉलेज की ओर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. अभ्यर्थियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया और आरक्षण नीति के अनुसार किया जाएगा. चयन के बाद संयुक्त मेरिट सूची के साथ अलग-अलग श्रेणियों की मेरिट सूची भी जारी होगी. यदि निर्धारित सीटों पर अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पाता है या सीटें खाली रह जाती हैं, तो प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों को मौका दिया जा सकेगा. चयनित अभ्यर्थियों की सूची कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी. आवेदन में दिए गए प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी भी कॉलेज की होगी.
13 महीने तक मिलेगी मुफ्त कोचिंग
* पहले 9 महीने: प्रारंभिक परीक्षा (PT) की तैयारी कराई जाएगी.
* अगले 3 महीने: प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी पर फोकस रहेगा.
* अंतिम 1 महीना: मुख्य परीक्षा के बाद आगे की तैयारी और मार्गदर्शन दिया जाएगा.
प्रशिक्षण के दौरान हर सप्ताह कम से कम 16 घंटे ऑफलाइन कक्षाएं आयोजित होंगी. विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. इस पहल का मकसद झारखंड के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए समान अवसर देना है. खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के ऐसे विद्यार्थी, जो संसाधनों की कमी के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते, उन्हें इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है. हालांकि, योजना का वास्तविक क्रियान्वयन कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही शुरू होगा.
