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JPSC PT Result 2025: आधी रात जारी हुआ रिजल्ट, बिना हस्ताक्षर और कटऑफ के बढ़ा विवाद, पारदर्शिता पर उठे सवाल

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
JPSC PT Result 2025: आधी रात जारी हुआ रिजल्ट, बिना हस्ताक्षर और कटऑफ के बढ़ा विवाद, पारदर्शिता पर उठे सवाल

रांची (RANCHI): झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) ने 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (पीटी)-2025 का रिजल्ट जारी तो कर दिया, लेकिन परिणाम घोषित होते ही विवादों का नया दौर शुरू हो गया. ऐसे में गजब की बात यह है की 2,204 अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस रिजल्ट पर आयोग के किसी भी सदस्य के हस्ताक्षर ही मौजूद नहीं हैं. यही वजह है कि इसकी वैधानिकता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जबकि सफल अभ्यर्थियों को महज कुछ दिनों में मुख्य परीक्षा भी देनी है. ऐसे में रिजल्ट जारी होने के कुछ ही समय बाद इसकी वैधता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे. सबसे बड़ा विवाद यह है कि घोषित परिणाम पर आयोग के तीनों सदस्यों में से किसी के भी हस्ताक्षर नहीं हैं.

आयोग के अनुसार, चयन प्रक्रिया तैयार करने वाली एजेंसी के कामकाज से तीनों सदस्य संतुष्ट नहीं थे. इसी वजह से उन्होंने परिणाम पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. इसके बावजूद आयोग ने देर रात परिणाम प्रकाशित कर दिया. उल्लेखनीय है कि यह वही परीक्षा है, जो पहले मॉडल आंसर-की में कथित त्रुटियों और अभ्यर्थियों की आपत्तियों को लेकर चर्चा में रही थी.

इस मामले में याचिका दायर होने के बाद हाईकोर्ट ने 30 जून तक परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था. अदालत के आदेश के अनुपालन में आयोग ने गुरुवार रात परिणाम घोषित कर दिया. साथ ही मुख्य परीक्षा का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया. मुख्य परीक्षा के लिए 3 से 9 जुलाई तक आवेदन लिए जाएंगे, जबकि परीक्षा 18, 19 और 20 जुलाई को आयोजित होगी. रिजल्ट से जुड़ा पक्ष जानने के लिए आयोग के सचिव श्याम नारायण राम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल और संदेश का कोई जवाब नहीं दिया.

रिजल्ट के साथ इस बार कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. इससे अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि चयन किस आधार पर किया गया. पिछले वर्षों में परिणाम के साथ कटऑफ भी जारी किया जाता रहा है, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी मानी जाती थी. पिछली संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा में अनारक्षित, पिछड़ा वर्ग-1, पिछड़ा वर्ग-2 और ईडब्ल्यूएस वर्ग का कटऑफ 246 अंक था, जबकि एससी और एसटी वर्ग का कटऑफ 236 अंक निर्धारित किया गया था. वहीं 7वीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ 260, पिछड़ा वर्ग का 252, एससी का 238 और एसटी का 230 अंक रहा था.

करीब ढाई महीने बाद आया परिणाम
•    29 जनवरी: 103 पदों के लिए विज्ञापन जारी
•    31 जनवरी से 9 मार्च: ऑनलाइन आवेदन
•    19 अप्रैल: प्रारंभिक परीक्षा
•    20 अप्रैल: मॉडल आंसर-की जारी
•    24 अप्रैल: आपत्तियां मांगी गईं
•    30 जून: हाईकोर्ट ने परिणाम जारी करने का निर्देश दिया
•    2 जुलाई: पीटी रिजल्ट घोषित

जेपीएससी के पूर्व सदस्य दुखी उरांव ने भी परिणाम की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि आयोग के किसी भी आधिकारिक परिणाम पर सदस्यों के हस्ताक्षर होना आवश्यक है. कम से कम कोरम पूरा करने लायक सदस्यों की स्वीकृति जरूरी होती है. यदि किसी सदस्य ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं तो परिणाम की वैधानिक स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है. रिजल्ट जारी होने के साथ ही मुख्य परीक्षा की तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन भरने और आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के लिए केवल सात दिन का समय दिया गया है. जाति, आय, क्रीमीलेयर, दिव्यांगता समेत अन्य प्रमाणपत्र इतने कम समय में बनवाना आसान नहीं है. वहीं 18 जुलाई से परीक्षा शुरू होने के कारण तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है. इससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ गया है.

सूत्रों के अनुसार, 50 अनारक्षित पदों के लिए 1,122 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना गया है. इनमें 418 अभ्यर्थी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं. इसी के साथ कटऑफ सार्वजनिक नहीं किए जाने और चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने विवाद को और गहरा कर दिया है. इधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 11 वर्ष बाद झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2015 का परिणाम भी जारी कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दस्तावेज सत्यापन पूरा होने पर 451 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के लिए योग्य घोषित किया गया है. आयोग ने फिजिकल टेस्ट आयोजित कराने के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेज दिया है. अब परीक्षा की तिथि, स्थान और विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे.