टीएनपी डेस्क (TNP DESK): हालही में हुए NEET पेपर लीक विवाद के बाद सवालों के घेरे में आई NEET परीक्षा को लेकर इस बार केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. ऐसे में आगामी 21 जून को होने वाले NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए ऐसी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है, जिसे अब तक की सबसे कड़ी और हाई-टेक व्यवस्था माना जा रहा है. प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर OMR शीट वापस जमा होने तक हर चरण पर बहुस्तरीय निगरानी रखी जाएगी. इसमें भारतीय वायु सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल, AI आधारित सर्विलांस सिस्टम, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 5G जैमर जैसे आधुनिक सुरक्षा उपायों को परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है.
ऐसे में अब NTA का दावा है कि केवल 37 दिनों की तैयारी में आयोजित हो रही इस परीक्षा के लिए सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जिनसे पेपर लीक, फर्जीवाड़े और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके. परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई होगी. वहीं एजेंसी के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार होने के समय से लेकर उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद OMR शीट वापस लाने तक पूरी प्रक्रिया को सुरक्षा घेरे में रखा गया है. परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रहेगी. NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले भारतीय वायु सेना (IAF) ने देशभर के 18 स्थानों तक सीलबंद प्रश्नपत्रों की खेप सुरक्षित पहुंचाई है. आमतौर पर सड़क मार्ग से भेजे जाने वाले प्रश्नपत्रों को इस बार अतिरिक्त सुरक्षा के तहत हवाई मार्ग से पहुंचाया गया है. इसके अलावा परीक्षा सुरक्षा में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है.
पेपर लीक रोकने के लिए लागू की गई 7-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
1. प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया
परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञ पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय स्थानों पर कार्य करते हैं. इस दौरान मोबाइल फोन, इंटरनेट और बाहरी संपर्क पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है ताकि प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनी रहे.
2. कड़ी सुरक्षा में होती है प्रिंटिंग
प्रश्नपत्रों की छपाई अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जाती है. पूरी प्रक्रिया CCTV निगरानी में होती है और प्रत्येक प्रश्नपत्र को विशेष कोडिंग सिस्टम के जरिए ट्रैक किया जाता है.
3. हाई सिक्योरिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम
प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए GPS आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की गई है. इस बार कई स्थानों पर भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर और सैन्य विमान भी इस्तेमाल किए गए हैं. CRPF, CISF और स्थानीय पुलिस भी इस प्रक्रिया की निगरानी कर रही है.
4. बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से होगी पहचान
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा. इसमें फेस रिकग्निशन, लाइव फोटो कैप्चर और अन्य सुरक्षा जांच शामिल हैं. किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी.
5. AI सर्विलांस और 5G जैमर
परीक्षा के दौरान केंद्रों पर AI आधारित CCTV कैमरे सक्रिय रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे. साथ ही 5G सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे ताकि बाहरी संपर्क या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल की कोई संभावना न रहे.
6. सोशल मीडिया और डिजिटल मॉनिटरिंग
NTA का विशेष निगरानी तंत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों पर लगातार नजर रखेगा. अफवाह फैलाने, फर्जी सूचना साझा करने या पेपर लीक से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.
7. OMR शीट्स की सुरक्षित वापसी
परीक्षा समाप्त होने के बाद OMR शीट्स को सील कर कड़ी सुरक्षा के बीच वापस भेजा जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सुरक्षा बलों और CCTV कैमरों के जरिए की जाएगी ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना न रहे.
शिकायत और सूचना देने के लिए लॉन्च हुआ पोर्टल
इसके अलावा NTA ने विशेष शिकायत पोर्टल शुरू किया है. यदि किसी छात्र या व्यक्ति को पेपर लीक, फर्जीवाड़ा या परीक्षा से जुड़ी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वह सीधे पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है. शिकायत दर्ज करने के लिए संबंधित व्यक्ति को पूरी जानकारी के साथ स्क्रीनशॉट, फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्य भी अपलोड करने होंगे. इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी सूचना दी जा सकती है.
