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महंगाई डायन की मार ने फीकी की त्योहार की मिठास! प्याज से लेकर चीनी तक ने बढ़ाया जेब का बजट

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): दिवाली का त्योहार आने वाला है. इस को लेकर घरों में तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है. लोग घरों की सजावट से लेकर शॉपिंग करना, मिठाईयां घर में बनाना या खरीदना और पूजा पाठ की सामग्री में लगे हुए है. ऐसे में त्योहारों पर हर परिवार चाहता है घरों में खुशी का माहौल रहें, अच्छे -अच्छे पकवान बने और सभी साथ मिलकर त्योहारों का आनंद ले.  लेकिन सब के बीच अगर महंगाई का खयाल आने लगे तो त्योहार का मज़ा किड़किड़ा होने लगता  है. दरअसल, इस बार त्योहार की तैयारियों के बीच महंगाई लोगों की चिंता बढ़ा रही है. रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्याज, चीनी और दूसरी जरूरी चीजें ही महंगी हो जाएंगी, तो आम परिवार त्योहार की खुशियां कैसे मनाएगा?

रसोई का बजट बिगाड़ रही महंगाई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में प्याज और चीनी की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है. जून से सितंबर के बीच प्याज के दाम करीब 85 फीसदी तक बढ़ गए, जबकि जुलाई और अगस्त में चीनी की कीमतों में करीब 34 फीसदी का उछाल आया. चीनी की कीमत करीब 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. प्याज और चीनी के अलावा टमाटर, दाल, चावल और खाद्य तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

त्योहारों के दौरान घरों में मिठाइयां और कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं. ऐसे में चीनी, तेल और दूसरी खाद्य सामग्री महंगी होने का सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ता है. वहीं, प्याज और टमाटर जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की कीमत बढ़ने से आम लोगों का खर्च और बढ़ जाता है.

त्योहार की खुशी पर महंगाई का असर

दिवाली पर लोग अपनी जरूरतों के साथ परिवार की खुशियों के लिए भी खरीदारी करते हैं. लेकिन जब रोजमर्रा की चीजों पर ही ज्यादा पैसे खर्च होने लगें, तो त्योहार के लिए अलग से बजट बनाना मुश्किल हो जाता है. खासकर मध्यम और कम आय वाले परिवारों को खाने-पीने की चीजों और दूसरी खरीदारी के बीच तालमेल बैठाना पड़ता है.

आगे भी बनी रह सकती है चिंता

रिपोर्ट में खराब मौसम, फसलों की आवक और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई गई है. दक्षिण-पश्चिम मानसून की कम बारिश और खरीफ फसलों की बुआई में गिरावट का असर आगे चलकर कीमतों पर पड़ सकता है. ऐसे में दिवाली से पहले खाद्य वस्तुओं के दाम आम लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. अब लोगों को उम्मीद है कि त्योहार के दौरान जरूरी सामान की कीमतों में राहत मिले, ताकि महंगाई के बीच भी दिवाली की खुशियां फीकी न पड़ें.