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Share Market Crash: शेयर बाजार में भूचाल! मार्केट खुलते ही 700 अंक से ज्यादा लुढ़का सेंसेक्स

Samiksha Singh
Samiksha Singh
Sr. Content Writer

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने आज कारोबारी सत्र की शुरुआत तेज गिरावट के साथ की. शुरुआती मिनटों में ही बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली और BSE का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 700 से अधिक अंक टूटकर करीब 73,172 के स्तर पर पहुंच गया. दूसरी ओर, NSE निफ्टी भी 219 अंक गिरकर 22,991 के आसपास कारोबार करता नजर आया.

बाजार में अचानक आई इस कमजोरी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा. कुछ ही मिनटों के कारोबार में BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई.

4.3 लाख करोड़ रुपये घट गया बाजार का कुल मूल्य

शेयर बाजार खुलने के साथ आई गिरावट ने कुछ ही समय में कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण को काफी नीचे ला दिया. आंकड़ों के अनुसार BSE की सभी सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप 4,81,88,998.45 करोड़ रुपये से घटकर 4,77,59,117.49 करोड़ रुपये रह गया.

यानी कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4,29,881 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई.

आखिर क्यों टूटा शेयर बाजार?

बाजार में आज की गिरावट के पीछे कई वैश्विक संकेत जिम्मेदार माने जा रहे हैं. इनमें सबसे बड़ी चिंता मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को लेकर है.

ईरान से जुड़े घटनाक्रम के बीच तेल की सप्लाई को लेकर बाजार की चिंता बढ़ी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के सात-दिवसीय प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किए जाने के बाद निवेशकों के बीच संभावित सप्लाई व्यवधान की आशंका मजबूत हुई है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड मार्केट पर भी दिखाई दिया और तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई.

106 डॉलर के करीब पहुंचा Brent Crude

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude करीब 1.5 से 2 फीसदी की बढ़त के साथ 105.64 से 106.20 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में पहुंच गया. वहीं, अमेरिकी WTI Crude की कीमत में भी 1.1 फीसदी से अधिक की तेजी देखी गई और यह करीब 93.40 से 93.55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया.

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी चिंता बढ़ाने वाली होती है. यदि तेल लंबे समय तक महंगा रहता है तो इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है.

Strait of Hormuz पर नजर

बाजार की चिंता का एक अहम कारण Strait of Hormuz से जुड़ा घटनाक्रम भी है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

ईरान की ओर से रखे गए प्रस्ताव में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के बदले होर्मुज स्ट्रेट को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की बात कही गई थी. प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने के बाद बाजार में इस महत्वपूर्ण शिपिंग रूट से तेल की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है.

अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है.

बैंकिंग, FMCG और रियल्टी शेयरों में दबाव

आज के शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख सेक्टर्स में गिरावट देखने को मिली. बैंकिंग, FMCG और रियल्टी शेयरों पर खास दबाव नजर आया.

शुरुआती कारोबार में HDFC Bank, Bajaj Finance और State Bank of India जैसे प्रमुख शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई.