Bihar news: बिहार से होकर गुजरने वाले वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के रूट में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है. सासाराम के पहाड़ी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे को पहाड़ के किनारे से निकालने की मौजूदा योजना के बजाय टनल बनाने के विकल्प पर फिर से विचार किया जा रहा है. बिहार सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो परियोजना का यह हिस्सा न केवल छोटा हो सकता है, बल्कि यात्रा के समय में भी कमी आने की उम्मीद है.
सासाराम में फिर सामने आया टनल का प्रस्ताव
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे की शुरुआती योजना में सासाराम के पहाड़ी इलाके से टनल बनाकर सड़क निकालने का विकल्प शामिल था. बाद में विभिन्न कारणों से योजना में बदलाव किया गया और एक्सप्रेसवे को पहाड़ के किनारे से ले जाने का विकल्प चुना गया. अब बिहार सरकार ने पुराने टनल विकल्प की व्यवहार्यता पर दोबारा विचार करने का प्रस्ताव दिया है. इसका प्रमुख उद्देश्य एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को अधिक सीधा और सुविधाजनक बनाना बताया जा रहा है.
टनल आधारित रूट को मंजूरी मिलने का सबसे बड़ा फायदा दूरी में कमी के रूप में सामने आ सकता है. अनुमान है कि सासाराम के इस हिस्से में एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 15 किलोमीटर तक कम हो सकती है. इससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को फायदा मिलने के साथ यात्रा समय भी घट सकता है.
तकनीकी रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा फैसला
टनल का निर्माण आसान प्रक्रिया नहीं है. अंतिम निर्णय से पहले पहाड़ी क्षेत्र की भूगर्भीय परिस्थितियों की जांच करनी होगी. इसके अलावा निर्माण लागत, सुरक्षा मानकों, पर्यावरणीय प्रभाव और आवश्यक सरकारी मंजूरियों का भी आकलन किया जाएगा.पहले वन क्षेत्र और जरूरी स्वीकृतियों से संबंधित दिक्कतों के कारण टनल विकल्प आगे नहीं बढ़ सका था. ऐसे में नए प्रस्ताव पर फैसला इन चुनौतियों के समाधान और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर होने की संभावना है.
एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत सोन नदी को पार करने के लिए भी बड़ी संरचना बनाने की योजना है. नदी पर करीब 3.5 किलोमीटर लंबा पुल प्रस्तावित है. इसके निर्माण से एक्सप्रेसवे के जरिए लंबी दूरी का सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है.
पश्चिमी बिहार की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे पश्चिमी बिहार के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना साबित हो सकता है. इसके पूरा होने से बिहार का संपर्क पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों से बेहतर होगा. फिलहाल सासाराम में टनल बनाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के अगले फैसले का इंतजार है.
