बिहार(Bihar): बिहार के वैशाली जिले में एक बढ़ा हादसा हो गया है. यह हादसा इतना भयावह था कि इस हादसे ने कई मासूमों की जान ले ली और अन्य नाव में सवार लोगों में से कई लापता भी बताए जा रहे है. इस घटना के बाद लोगों में प्रशासन के प्रति नाराज़गी देखने को मिली है और अब इस घटना पर राजनैतिक चर्चाएं तेज हो गई है.
वैशाली के राघोपुर क्षेत्र में स्थित ढाब गाँव में नाव पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई और अन्य लापता हो गए है. इस घटना में मरने वालों में 11 बच्चे भी शामिल है.घटना के बाद राघोपुर क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गाँव में हड़कंप का माहोल बन गया.
घटना के बाद अब चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन,लापता को ढूँढना जारी
इस घटना के बाद लापता हुए लोगों को ढूँढने के लिए बुधवार को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा. राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले RJD नेता तेजस्वी यादव ने 'X' पर कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से बात की और उन्हें स्थिति के बारे में जानकारी दी गई. यादव ने कहा कि नई दिल्ली से लौटने के बाद वे घटनास्थल का दौरा करेंगे; वे वहां SIR प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गए थे.
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
वही, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरने वाले हर बच्चे के परिवार को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. पूर्व BJP विधायक सतीश कुमार यादव और LJP(RV) MLC अशरफ अंसारी समेत कई राजनीतिक नेताओं ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है और उनके द्वार प्रशासन पर लापरवाही का इल्जाम लगाया जा रहा है.
हादसे में 13 लोगों की मौत जिसमें 11 बच्चे शामिल
आपके जानकारी के लिए बात दें कि क्षेत्र के आस पास के गाँव जैसे फतेहपुर,रघोपुर, जुड़ावनपुर, समेत कई गाँवों में शोक कि लहर है. मिली जानकारी कि माने तो मंगलवार देर रात श्यामचंद गाँव के 20 लोग नाव से भोज खाने जा रहे थे. तभी नाव पर 11 बच्चे सवार थे जिसके बाद नाव एक गहरे क्षेत्र की और जा पहुंचा और अनियंत्रित हो गया. जिसके बाद नाव तत्काल रूप से पलट गई और नाव में सवार लोग पानी में डूबने लगे. कुछ लोग तैर कर किनारे तक आने में सफल रहे, लेकिन 13 लोगों की मौत हो गई.
ग्रामीणों की अगर माने तो भगतान टोला सिंदहेश्वर राय के घर भोज था और उस में शामिल होने नाव से जा रहे थे. छोटे नाव में सवार होने के कारण गहरे क्षेत्र में उनकी नाव अनियंत्रित हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद गाँव के लोग पहुंचे तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
शवों को काफी मशक्कत से निकाला गया
स्थानीय प्रशासन और गाँव के लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला. घटना में शामिल सभी को फतेहपुर स्थित अस्पताल पहुचाया गया, लेकिन 13 बच्चों को बचाया नहीं जा सका.
इस घटना ने बिहार के लोगों को झकझोंर दिया, अब देखना ये होगा कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद लापता लोगों की संख्या कितनी निकल कर सामने आती है.
