Bihar

मोतिहारी में शिक्षक की संदिग्ध मौत, पूर्व प्रमुख और समर्थकों पर हत्या का आरोप

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

मोतिहारी (MOTIHARI): बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक शिक्षक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. बंजरिया थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में मृतक की पहचान शिक्षक शमशाद आलम के रूप में बताई गई है. शिक्षक का शव मोतिहारी सदर अस्पताल में मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों ने एक पूर्व प्रमुख और उसके समर्थकों पर शिक्षक को जबरन ले जाने, मारपीट करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

स्कूल से लौटते समय लापता हुए शिक्षक

परिजनों के अनुसार, शमशाद आलम स्कूल से छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहे थे, लेकिन निर्धारित समय तक घर नहीं पहुंचे. काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चलने पर परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की और बंजरिया थाना को उनके अचानक लापता होने की सूचना दी. परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस की ओर से शुरुआत में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया. करीब पांच घंटे बाद शमशाद आलम का शव मोतिहारी सदर अस्पताल में मिलने की जानकारी सामने आई. इसके बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया.

सदर अस्पताल के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन

शिक्षक की मौत से नाराज लोगों ने सदर अस्पताल के बाहर शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों का आरोप है कि पूर्व प्रमुख अपने कुछ समर्थकों के साथ शिक्षक को रास्ते से जबरन ले गए थे और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई. परिवार ने किसी नुकीली या लोहे की वस्तु से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया है.

पुराने मिट्टी कटाई विवाद से जोड़ रहे परिजन

परिजनों ने इस घटना के पीछे पुराने विवाद को संभावित वजह बताया है. उनके मुताबिक, मनरेगा के तहत तत्कालीन बंजरिया प्रमुख द्वारा शमशाद आलम के निजी सिंचित खेत से कथित रूप से मिट्टी कटवाने को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था. बताया जा रहा है कि शिक्षक ने इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से भी की थी और कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे. परिजनों का दावा है कि इसी विवाद और पूर्व में मिली कथित धमकियों के कारण शिक्षक को निशाना बनाया गया.

फिलहाल हत्या से जुड़े आरोप परिजनों और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं. घटना का वास्तविक कारण पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

 

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