सुपौल (BIHAR) : भीषण गर्मी का असर अब स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है. सुपौल जिले के निर्मली स्थित कन्या मध्य विद्यालय में पढ़ाई के दौरान गर्मी और उमस की वजह से चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इनमें से एक छात्रा को ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी तीन बच्चे इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट गए. डॉक्टरों ने बताया कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं.
चार स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ी
बिहार के सुपौल जिले के नगर पंचायत निर्मली स्थित कन्या मध्य विद्यालय निर्मली में भीषण गर्मी और उमस का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर देखने को मिला. स्कूल में पढ़ाई के दौरान अचानक चार स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. बच्चों के अचानक बेहोश होकर गिरने से स्कूल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
छात्रा को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया
घटना के तुरंत बाद विद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों ने सभी बच्चों को इलाज के लिए पास के एक निजी क्लिनिक पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया. इलाज के बाद तीन बच्चों की हालत सामान्य होने पर उन्हें वापस स्कूल भेज दिया गया. वहीं एक छात्रा की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उसे निर्मली के बालाजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की सलाह पर छात्रा को एहतियात के तौर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है.
घबराने जैसी कोई बात नहीं
विद्यालय के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण वर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी और उमस के कारण चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. उन्होंने कहा कि तीन बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं, जबकि एक छात्रा का इलाज चल रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि छात्रा की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है.
समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में
बालाजी नर्सिंग होम के चिकित्सक ने बताया कि भर्ती छात्रा अब खतरे से बाहर है. उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और सावधानी के तौर पर उसे ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई.
बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील
घटना के बाद विद्यालय प्रशासन ने सभी बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में अनावश्यक बाहर नहीं निकलने और गर्मी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है. साथ ही अभिभावकों से भी बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है.
इस घटना के बाद कुछ समय के लिए अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन डॉक्टरों द्वारा सभी बच्चों को खतरे से बाहर बताए जाने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली. लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है.
