सुपौल (SUPAUL): जिले के किशनपुर प्रखंड की मौजहा पंचायत के वार्ड-3 स्थित सुजानपुर में कोसी नदी का कटाव लगातार ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. रविवार को कटाव की चपेट में आने से राधा-कृष्ण मंदिर नदी में समा गया. मंदिर के नदी में विलीन होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब एक महीने में दो दर्जन से अधिक लोगों के घर कटाव की जद में आकर नदी में बह चुके हैं. खास बात यह है कि फिलहाल कोसी नदी का जलस्तर सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन जलस्तर घटने के साथ कटाव की रफ्तार और तेज हो गई है. लगातार जमीन खिसकने से ग्रामीणों को अपने घरों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
कटाव से प्रभावित कई परिवार अब खुद अपने घरों को तोड़कर जरूरी सामान निकाल रहे हैं. ईंट और एस्बेस्टस से बने घरों को हथौड़े की मदद से तोड़कर लोग घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. ग्रामीण राजेंद्र झा ने बताया कि रात के समय कटाव का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि लोग जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं. एक रात में एक घर का पूरा सामान नदी में बह गया और सुबह वहां कुछ भी नहीं बचा. वहीं, ग्रामीण श्याम झा ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते कटावरोधी काम नहीं कराया गया. उन्होंने बताया कि राधा-कृष्ण मंदिर भी लगातार कटाव की जद में था और देखते ही देखते नदी में समा गया. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है.
कोसी बराज के कंट्रोल रूम के अनुसार, रविवार 13 सितंबर को सुबह 11 बजे बराज से डाउनस्ट्रीम में 1,37,345 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था. ईस्टर्न कोसी मेन कैनाल में पानी का डिस्चार्ज शून्य रहा, जबकि वेस्टर्न कोसी मेन कैनाल में 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इस तरह कुल डिस्चार्ज 1,41,345 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ने की स्थिति में है. इसी समय बराज कंट्रोल स्टेशन पर 99,500 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया.
