Bihar News: बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में सुल्तानगंज-अगवानी घाट फोरलेन पुल तेजी से आकार ले रहा है. भागलपुर के सुल्तानगंज और खगड़िया के अगवानी घाट के बीच गंगा नदी पर बन रहा यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. करीब 3.16 किलोमीटर लंबे पुल को लगभग 20 किलोमीटर के एप्रोच रोड से जोड़ा जा रहा है. परियोजना पर करीब 1710 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
खगड़िया और भागलपुर के बीच आसान होगा सफर
पुल चालू होने के बाद खगड़िया और भागलपुर के बीच सीधा सड़क संपर्क मजबूत होगा. इससे गंगा पार करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक और लंबे रास्तों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. परियोजना के तहत सुल्तानगंज की तरफ लगभग चार किलोमीटर और अगवानी घाट की ओर करीब 16 किलोमीटर लंबा पहुंच पथ तैयार किया जा रहा है.
कोसी और अंग क्षेत्र को मिलेगा फायदा
इस परियोजना का लाभ केवल दो जिलों तक सीमित नहीं रहेगा. खगड़िया, परबत्ता, मुंगेर, बेगूसराय, सहरसा और आसपास के कोसी व अंग क्षेत्र के लोगों के लिए भी आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय कारोबार तक पहुंच आसान हो सकती है. भागलपुर और खगड़िया क्षेत्र में मक्का, केला, आम, धान, गेहूं, आलू और दलहन जैसी फसलों का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है. बेहतर सड़क नेटवर्क मिलने से किसानों के लिए अपनी उपज को मंडियों और दूसरे बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा. माल ढुलाई में लगने वाला समय घटने से व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है.
झारखंड-बंगाल की ओर कनेक्टिविटी होगी मजबूत
पुल और एप्रोच रोड तैयार होने के बाद बिहार के विभिन्न हिस्सों का झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर सड़क संपर्क बेहतर होने की संभावना है. इसका फायदा लंबी दूरी के यात्री और मालवाहक वाहनों को मिल सकता है. मजबूत परिवहन नेटवर्क नेपाल से जुड़ी व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है.सुल्तानगंज से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी फायदेमंद होगी. परियोजना में पसराहा के पास एनएच-31 पर रेलवे ओवरब्रिज, ट्रैफिक रोटरी और ग्रेड सेपरेटर जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं. इनके बनने से यातायात व्यवस्थित होने और जाम की समस्या घटने की उम्मीद है.
