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बिहार में मैट्रिक-इंटर में फेल छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग, कमजोर विषयों पर होगा खास फोकस

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

Bihar news: बिहार में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में सफलता हासिल नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों को दोबारा तैयारी करने में अब मदद मिलेगी. राज्य सरकार ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था करने की तैयारी में है. शिक्षा विभाग की योजना के तहत विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि वे अगली परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.

जिस विषय में हुए फेल,उसी की कराई जाएगी खास तैयारी

मुफ्त कोचिंग में सभी विद्यार्थियों को एक जैसी पढ़ाई कराने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार तैयारी कराने पर जोर रहेगा. इसके लिए पिछली परीक्षा के परिणाम और विषयवार अंकों का अध्ययन किया जाएगा. विद्यार्थी जिस विषय में असफल हुआ है या जिसमें उसके अंक काफी कम हैं, उस विषय पर अधिक ध्यान दिया जाएगा. इससे कमजोर अध्यायों और टॉपिक की पहचान कर उन्हें बेहतर तरीके से समझाने में मदद मिलेगी. शिक्षा विभाग इसके लिए प्रमंडल स्तर पर असफल विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़े भी जुटा रहा है.

विद्यालय के नजदीक कोचिंग देने की तैयारी

विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए उनके विद्यालय के आसपास कोचिंग केंद्र बनाने की योजना है. मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों के लिए एक ही केंद्र पर पढ़ाई की व्यवस्था की जा सकती है. ऑफलाइन कक्षाओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी परीक्षा की तैयारी कराने की योजना है. विद्यार्थियों को जरूरी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में भी विभाग काम कर रहा है.

नियमित टेस्ट से पता चलेगा तैयारी का स्तर 

कोचिंग के दौरान केवल पढ़ाई ही नहीं होगी, बल्कि समय-समय पर छोटे टेस्ट भी आयोजित किए जाएंगे. इन टेस्ट के नतीजों से शिक्षकों को पता चलेगा कि विद्यार्थी ने संबंधित विषय में कितना सुधार किया है और किन हिस्सों पर अभी अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता है.

इस व्यवस्था से परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तैयारी का लगातार मूल्यांकन किया जा सकेगा.

अधिकारियों की निगरानी में चलेंगे कोचिंग केंद्र 

मुफ्त कोचिंग व्यवस्था का लाभ विद्यार्थियों तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए स्थानीय शिक्षा अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी. अधिकारी यह देखेंगे कि कक्षाएं नियमित चल रही हैं या नहीं और विद्यार्थी उनसे कितना लाभ उठा रहे हैं.

अभिभावकों को भी किया जाएगा प्रोत्साहित 

शिक्षा विभाग अभिभावकों से भी अपने बच्चों को इस व्यवस्था से जोड़ने की अपील करेगा. योजना का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में असफल विद्यार्थियों को दोबारा मौका मिलने पर बेहतर तैयारी के साथ उतारना है. कमजोर विषयों पर केंद्रित पढ़ाई, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन विद्यार्थियों को अगली परीक्षा में सफलता हासिल करने में मदद कर सकता है.

 

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