सीवान: सीवान में शुक्रवार की शाम एक बड़ी घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई जख्मी हो गए. घटना जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव की है. बताया जा रहा है कि विस्फोट इतना जोरदार हुआ था कि घर की छत उड़ गई जबकि काफी दूर तक उसकी आवाज सुनी गई. वहीं कुछ देर के अंतराल पर धमाके होते रहे जिससे इलाके में दहशत का माहौल हो गया. मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने जख्मियों को अस्पताल पहुंचाया वहीं जिले के एसपी, डीएम और डीआईजी समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंच कर छानबीन में जुट गए. स्थानीय लोगों ने 7 लोगों के मौत की बात बताई वहीं एसपी ने 4 लोगों के मौत की पुष्टि की है. मृतकों में अब तक 70 वर्षीय अमीरुद्दीन, 10 वर्षीय खुशबू तथा 8 वर्षीय असद के रूप में की जा सकी है जबकि अन्य मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है. घटना के बाद आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार धमाकों और मकान की जर्जर स्थिति के कारण घटनास्थल के करीब जाने से भी लोग कतरा रहे थे. घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार ने हादसे की भयावहता और बढ़ा दी.
ग्रामीणों ने कहा 7 मरे, एसपी ने की 4 की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही डीआइजी नीलेश कुमार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. मामले में एसपी ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक घर में जोरदार विस्फोट हुआ है. अब तक हमलोगो के समक्ष 4 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है जबकि स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधियों ने घर में 7 लोगों के मौजूद होने की जानकारी दी है. एसपी ने बताया कि मेडिकल और एफएसएल की टीम भी यहां पहुंची है और जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि कितने लोगों की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने घर में अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित होने की बात कही है. लगातार हो रहे विस्फोटों से अंदेशा है कि भारी मात्रा में विस्फोटक मौजूद था.
थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने चार लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे में हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है. उन्होंने बताया कि पटाखा निर्माण के लाइसेंस और घटना के कारणों समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पटाखा निर्माण की अनुमति थी या नहीं और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ. हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया है. वहीं, महाराजगंज के एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गयी है. टीम को घटना के सभी पहलुओं की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है.
बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा
मामले को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे अमीरुद्दीन अहमद के घर में पटाखा बनाने का काम चल रहा था. इसी दौरान किसी तरह बारूद में आग लग गयी, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया. इसके बाद लगातार छोटे-बड़े विस्फोट होते रहे. हादसे के समय घर में मौजूद परिजनों और पटाखा बनाने में लगे मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जतायी गयी है. पड़ोसी फिरोज अहमद के परिवार का एक बच्चा भी लापता बताया जा रहा है. ऐसे में आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है. हालांकि, प्रशासन की ओर से फिलहाल चार मौतों की पुष्टि की गयी है.
20 वर्षों से मौत की ढेर पर है गांव
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से कई घरों में पटाखा फैक्ट्री संचालित किया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि आलमपुर गांव में कई घरों में लंबे समय से पटाखा बनाने का काम होता रहा है. अब इस भीषण हादसे के बाद पटाखा निर्माण की अनुमति, बारूद के भंडारण और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, संबंधित घर में पटाखा निर्माण के लिए वैध लाइसेंस था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. फिलहाल पुलिस और प्रशासन का मुख्य ध्यान मलबे में दबे लोगों की तलाश, राहत-बचाव और घटना के कारणों का पता लगाने पर है. हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लापता लोगों और संभावित अन्य हताहतों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है.