सीवान (SIWAN): बिहार के सीवान जिले में एक सरकारी स्कूल में रसोइया के पद पर नाम दर्ज करने को लेकर विवाद सामने आया है. मामले में एक महिला ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में रसोइया के पद पर नाम चढ़ाने के एवज में कथित रूप से 50 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में विभागीय जांच की मांग की गई है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया आवेदन
शिकायतकर्ता ने आवेदन में अपना नाम कुमारी स्नेहा साह, पति देवेंद्र कुमार गोंड और पता मठिया, प्रखंड मैरवा, जिला सीवान बताया है. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है.
आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता की सास सावित्री देवी विद्यालय में रसोइया के रूप में काम करती आ रही हैं. आरोप है कि अब उनके स्थान पर किसी दूसरी महिला का नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मामला शिक्षा विभाग तक पहुंच गया.
50 हजार रुपये की मांग का आरोप
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप रसोइया के पद पर नाम दर्ज कराने के बदले कथित रूप से 50 हजार रुपये मांगने का है. शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास अपने आरोप से संबंधित साक्ष्य भी मौजूद हैं. इस मामले से जुड़ा कागज में लपेटकर पैसे जैसा कुछ देने का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है. वीडियो की प्रामाणिकता और उसके संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.
करीब 10 महीने से काम करने का दावा
आवेदन में दावा किया गया है कि सावित्री देवी करीब 10 महीने से विद्यालय में रसोइया के रूप में काम कर रही हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, 4 मई 2026 के बाद से उन्हें इस मामले को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
महिला का आरोप है कि दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज कराने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए.
विभागीय जांच से साफ होगी स्थिति
फिलहाल ये सभी बातें शिकायत में लगाए गए आरोप हैं. शिक्षा विभाग की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रसोइया के पद पर नाम बदलने और 50 हजार रुपये की कथित मांग के आरोपों में कितनी सच्चाई है. अब इस मामले में जिला शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
