मसौढ़ी (MASAURHI): कभी एक मंदिर में 2 महीने से सन्नाटा पसरा हुआ था , आज अचानक से ग्रामीणों के बीच खुशियों की लहर दौड़ उठी. ग्रामीणों की आखें नम हो उठी जब उन्हें पता चला की चोरी हुई भगवान राम, जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु मूर्तियां मिल गई हैं. यह घटना मसौढ़ी के छाता गांव की है जहां गांव के बुजुर्गों से लेकर महिलाएं और बच्चे तक मौके पर पहुंच गए और श्रद्धालुओं ने मूर्तियों को सड़क किनारे से उठाकर एक पेड़ के पास चबूतरे पर रखा और वहीं पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन शुरू हो गया.
आपको बता दें, यह घटना 16 मार्च की देर रात की है जब बदमाशों ने छाता गांव के कल्लू ठाकुरबाड़ी मंदिर का किवाड़ हटाकर भगवान राम, जानकी और लक्ष्मण की प्राचीन मूर्तियां चोरी कर ली थीं. जानकारी के अनुसार, करीब 200 साल पुरानी इन अष्टधातु मूर्तियों की कीमत सात से आठ करोड़ रुपये बताई जाती है. वर्ष 1935 में इनकी स्थापना मंदिर में की गई थी और सभी मूर्तियों पर चांदी के मुकुट भी लगे थे. मूर्तियों की चोरी के बाद गांव में मातम जैसा माहौल था. लोग रोज मंदिर पहुंचकर भगवान की वापसी की दुआ मांग रहे थे.
इस घटना के बाद पुलिस लगातार तकनीकी जांच और छापेमारी कर रही थी. बढ़ते दबाव और गिरफ्तारी के डर से चोर सोमवार को शाहाबाद-लखनौर सीमा पर सड़क किनारे मूर्तियां छोड़कर फरार हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार कुछ लोग मूर्तियां रखकर भाग निकले. मंदिर कमेटी ने बताया कि विधि-विधान के साथ जल्द ही मूर्तियों की पुनः स्थापना की जाएगी. थानाध्यक्ष विवेक भारती ने कहा कि फिलहाल मूर्तियां मंदिर कमेटी को सौंप दी गई हैं और आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.
