TNP DESK : भागलपुर और नवगछिया के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी व्यवस्था के रूप में लगाए गए चार बेली ब्रिज अब हटाए जाएंगे. इस तकनीकी अभियान के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) की करीब 80 सदस्यीय टीम भागलपुर पहुंचने वाली है. टीम में इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य कर्मचारी शामिल होंगे.
30 सितंबर की रात से बंद होगा पुल
मरम्मत प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए 30 सितंबर 2026 की रात से विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने की तैयारी है. इसके अगले दिन यानी 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू होगा. पुल बंद रहने के कारण भागलपुर और नवगछिया के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा.
प्रशासन से मांगी गई जरूरी सुविधाएं
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने BRO टीम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन से सहयोग मांगा है. अधिकारियों के लिए सर्किट हाउस में कमरे और अन्य कर्मियों के लिए पर्याप्त आवास की व्यवस्था की जरूरत बताई गई है. कार्यस्थल पर पेयजल, शौचालय और मोबाइल टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी है.
चिकित्सा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान
गंगा नदी के ऊपर भारी उपकरणों की मदद से होने वाला यह काम तकनीकी रूप से संवेदनशील होगा. इसी वजह से चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मचारी, जरूरी दवाइयां और आपात चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने की योजना है. पुल के बरारी और नवगछिया छोर पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती भी महत्वपूर्ण होगी.
SDRF की स्पीड बोट रहेगी तैयार
नदी में किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुल के नीचे SDRF की स्पीड बोट तैनात रखने की व्यवस्था मांगी गई है. इसके साथ लाइफ जैकेट और गोताखोरों की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया है. चारों बेली ब्रिज हटने के बाद विक्रमशिला सेतु के मुख्य हिस्से की स्थायी मरम्मत का रास्ता साफ होगा. इसका उद्देश्य क्षतिग्रस्त हिस्से को लंबे समय के लिए दुरुस्त कर पुल पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है.
