Bihar news: बिहार के कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ी उम्मीदें बढ़ गई हैं. सहरसा एयरपोर्ट पर छोटे यात्री विमानों के संचालन के अनुकूल बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार करने के साथ टैक्सीवे, एप्रन और अन्य जरूरी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है.इन कार्यों के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से करीब 42 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. इससे सहरसा एयरपोर्ट के विकास की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है.
1000 मीटर लंबा किया जाएगा रनवे
परियोजना में सबसे अहम काम मौजूदा रनवे का विस्तार है. योजना के अनुसार इसकी लंबाई बढ़ाकर करीब 1000 मीटर की जाएगी. रनवे तैयार होने के बाद एयरपोर्ट पर छोटे यात्री विमानों के संचालन के लिए बेहतर परिस्थितियां बन सकेंगी. इसके साथ ही विमानों की आवाजाही और पार्किंग के लिए टैक्सीवे तथा एप्रन जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा. इससे विमान रनवे से पार्किंग क्षेत्र तक आसानी से पहुंच सकेंगे और यात्रियों के चढ़ने-उतरने सहित ग्राउंड ऑपरेशन के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध होगी.
15 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
टेंडर की शर्तों के मुताबिक प्रस्तावित निर्माण कार्यों को 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. काम निर्धारित समय पर शुरू होकर पूरा होता है तो अगले करीब सवा साल में सहरसा एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. रनवे और अन्य एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा सहरसा एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का निर्माण भी किया जा रहा है. टर्मिनल तैयार होने से यात्रियों को एयरपोर्ट पर बेहतर सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा.
सहरसा समेत पूरे कोसी क्षेत्र को फायदा
सहरसा से नियमित यात्री विमान सेवा शुरू होने पर इसका फायदा केवल जिले तक सीमित नहीं रहेगा. आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए भी हवाई सफर आसान हो सकता है. वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को विमान यात्रा के लिए दूसरे शहरों के एयरपोर्ट तक जाना पड़ता है. एयरपोर्ट विकसित होने से समय की बचत के साथ कारोबार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. अब सबसे अहम नजर परियोजना के निर्माण कार्य और इसे तय 15 महीने की अवधि में पूरा किए जाने पर रहेगी.
