☰
Bihar

यूपी चुनाव में जदयू भी आएगी मैदान में, संगठन को मजबूत करने के लिए निशांत कल करेंगे कार्यकर्ता सम्मेलन

Manjesh Kumar Patna
Manjesh Kumar Patna
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

पटना: बिहार में अपनी मजबूत स्थिति के बाद अब बिहार की सत्ताधारी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड अब उत्तर प्रदेश में भी पार्टी की मजबूती की कोशिश में जुट गई है. एक नवंबर यानि रविवार को पार्टी की स्थापना दिवस के अवसर जदयू उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी. इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे एवं बिहार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत भी शामिल होंगे. वाराणसी में कार्यक्रम आयोजित किया जाना जदयू के भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो जदयू उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से इस तरह का कार्यक्रम अपनी जमीन मजबूत कर रही है. माना जा रहा है कि जदयू एनडीए के घटक दल के रूप में उत्तर प्रदेश चुनाव में हिस्सा लेने की कोशिश कर रही है.

कार्यकर्ता करना चाहते थे निशांत के साथ बैठक

इसके साथ ही यह कार्यकर्ता सम्मेलन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के लिए भी काफी अहम मानी जा रही है. निशांत का बिहार से पहला संगठनात्मक पहला कार्यक्रम है जिसमें वह भागीदारी करेंगे. कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के जदयू कार्यकर्ता और नेता लंबे समय से निशांत कुमार के साथ बैठक करना चाहते थे. वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में यूपी के सभी जिलों से पार्टी के अधिकारी और कार्यकर्ता भाग लेंगे. कार्यक्रम से पहले बिहार सरकार में मंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रभारी तथा जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की है. 

यूपी में संगठन विस्तार चाहती है पार्टी

बता दें कि कार्यक्रम में शामिल होने से पहले निशांत ने कार्यकर्ताओं के नाम संदेश जारी करते हुए निशांत कुमार ने कहा कि उनकी और पार्टी की कोशिश यूपी में संगठन का विस्तार करने की है. बता दें कि जदयू पहले भी बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ती रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर अपना उम्मीदवार मैदान में उतारना चाह रही है. इससे पहले जदयू उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाना चाहती है. पार्टी का मानना है कि बिहार में नीतीश कुमार की राजनीतिक पहचान और निशांत कुमार की सक्रियता का फायदा यूपी में संगठन को मिल सकता है.

पहले भी जदयू यूपी में लड़ चुकी है चुनाव

फिलहाल उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ गठबंधन या सीट बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में वाराणसी सम्मेलन को संगठन विस्तार की शुरुआती कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में जदयू का चुनावी प्रदर्शन अब तक सीमित रहा है. पार्टी ने अलग-अलग विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमाई, लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली. इससे पहले जदयू ने 2012 में 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे जिसमें मात्र दो सीट जीत पाई थी. 2007 में 16 सीटों में मात्र एक सीट जीत सकी थी, 2012 में 219 सीटों पर उम्मीदवार उतारे लेकिन जदयू एक भी सीट नहीं जीत पाई. इसके बाद अब पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव में एक बार फिर मैदान में उतरने की कोशिश कर रही है.

बता दें कि इससे पहले निशांत कुमार ने बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट के उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन में तीन सभाएं की और इस सीट पर जीत भी मिली. अब पार्टी नेताओं की नजर उत्तर प्रदेश में निशांत की रणनीति और भविष्य में मिलने वाली सफलताओं पर है.

TagsBihar