Bihar

स्कूल-कॉलेज के बाहर बढ़ेगी ‘पुलिस दीदी’ की निगरानी, छात्राओं की सुरक्षा पर खास फोकस

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

Bihar news: बिहार में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है. महिला सुरक्षा के लिए गठित ‘अभया ब्रिगेड’, जिसे ‘पुलिस दीदी’ के नाम से भी जाना जाता है, अब शिक्षण संस्थानों और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी करेगी. स्कूल-कॉलेज खुलने और छुट्टी के समय महिला पुलिसकर्मियों की टीमें गश्त करती नजर आएंगी.

नवगछिया में विशेष अभियान 

भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिले में पुलिस दीदी टीम ने विशेष अभियान चलाया. महिला पुलिसकर्मियों ने बालिका विद्यालयों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के साथ बाजार, पार्क, बस स्टैंड तथा प्रमुख चौराहों पर पेट्रोलिंग की. इस पहल का उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनमें पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना भी है, ताकि परेशानी होने पर वे बिना झिझक सहायता मांग सकें.

मनचलों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर 

स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के दौरान आसपास अनावश्यक रूप से जमा होने वाले लोगों पर पुलिस की खास नजर रहेगी. छात्राओं का पीछा करने, अभद्र टिप्पणी करने, छेड़खानी या अन्य तरीके से परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. अभया ब्रिगेड की महिला पुलिसकर्मी पैदल और बाइक से गश्त करेंगी. संदिग्ध गतिविधियों के अलावा तेज रफ्तार से बाइक चलाने और संवेदनशील इलाकों में बेवजह घूमने वाले संदिग्ध लोगों की भी जांच की जाएगी.

छात्राओं से सीधे बात करेंगी पुलिस दीदी 

अभियान में पेट्रोलिंग के साथ जागरूकता पर भी जोर दिया गया है. महिला पुलिसकर्मी छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें बताएंगी कि छेड़छाड़, पीछा करने, धमकी देने या किसी तरह की प्रताड़ना को नजरअंदाज करने के बजाय पुलिस को इसकी सूचना दी जा सकती है.आपात स्थिति में डायल-112 के इस्तेमाल की जानकारी भी छात्राओं को दी जाएगी. शिकायत करने वाली महिला या छात्रा की पहचान की गोपनीयता और जरूरत के अनुसार त्वरित पुलिस सहायता के बारे में भी जागरूक किया जाएगा.

पूरे बिहार में सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश 

महिला और छात्रा सुरक्षा को लेकर इस तरह की पुलिस व्यवस्था को विभिन्न जिलों में प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है. खासतौर पर स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के आसपास महिला पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने का उद्देश्य सुरक्षित माहौल तैयार करना है. इससे उन छात्राओं को विशेष फायदा हो सकता है, जिन्हें पढ़ाई के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.

अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भूमिका भी अहम 

पुलिस प्रशासन का मानना है कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है. स्कूल-कॉलेज प्रशासन, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है. किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने से घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है. अभया ब्रिगेड की बढ़ती सक्रियता का उद्देश्य स्पष्ट है—छात्राएं बिना भय के पढ़ाई के लिए निकल सकें और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित तथा सम्मानजनक माहौल में आवाजाही कर सकें.

 

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