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Bihar

रील बनाने के लिये प्लेटफार्म पर महिला ने किया कोल्ड्रिंक्स से स्नान, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

 


पटना: सोशल मीडिया पर चंद लाइक और व्यूज के लिए रेलवे स्टेशन को शूटिंग स्पॉट बनाने वालों पर बख्तियारपुर RPF ने शिकंजा कस दिया है.बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर महिला द्वारा सिर पर सॉफ्ट ड्रिंक  डालकर वीडियो बनाने का मामला मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आने के बाद RPF ने तकनीकी जांच शुरू की. एक वायरल वीडियो की जांच करते-करते RPF ऐसे कंटेंट तक पहुंच गई, जिनमें रेलवे परिसर में बार-बार वीडियो बनाए जाने की जानकारी सामने आई.यह कार्रवाई बख्तियारपुर RPF पोस्ट के इंस्पेक्टर जवाहरलाल के नेतृत्व में की गई.
जांच में अवर निरीक्षक चक्रपाणि कुमार की भी अहम भूमिका रही. तकनीकी पड़ताल के बाद RPF ने वीडियो से जुड़ी महिला समेत तीन कंटेंट क्रिएटरों को पकड़ लिया.

वायरल वीडियो ने खोली डिजिटल पड़ताल की राह


मीडिया में चली खबर और ट्विटर पर मिली शिकायत के आधार पर RPF ने वायरल वीडियो की तकनीकी जांच शुरू की.वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान वर्षा देवी (26) के रूप में हुई. RPF के अनुसार, वह राहुल कुमार की पत्नी और वार्ड नंबर-7, बाढ़, पटना की निवासी है.

जांच के दौरान उसके सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल की गई.इसमें ‘Mahi Paswan 334’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी सामने आई.अकाउंट की तकनीकी जांच में बाढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में बनाए गए कई वीडियो मिले. इससे RPF को रेलवे परिसर में बार-बार सोशल मीडिया कंटेंट बनाए जाने की जानकारी मिली.

एक के बाद दो और कंटेंट क्रिएटर RPF की पकड़ में

जांच आगे बढ़ी तो वीडियो बनाने में शामिल दो अन्य लोगों की पहचान भी हुई। RPF ने बंटी कुमार (22), पिता शिव कुमार चौहान, निवासी आदमपुर, थाना दरवे भदौर, पटना और सरिता कुमारी (21), पत्नी मंटू कुमार, निवासी हरौली, वार्ड नंबर-3, थाना बाढ़, पटना को भी पकड़ा.

तीनों को RPF पोस्ट बख्तियारपुर लाया गया.RPF की अनुपालन रिपोर्ट के अनुसार, तीनों के खिलाफ केस संख्या दर्ज किए गए हैं.रिपोर्ट में उल्लिखित जन विश्वास एक्ट के प्रावधानों तथा रेलवे एक्ट की धारा 145 और 147 के तहत कार्रवाई की गई है.

वायरल वीडियो पर RPF की तकनीकी निगरानी का असर

पूरे मामले में खास बात यह रही कि RPF ने सिर्फ वायरल वीडियो तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी. सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी पड़ताल कर रेलवे परिसर में बनाए गए अन्य वीडियो भी जांच के दायरे में लिए गए. इससे यह सामने आया कि मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं था.इंस्पेक्टर जवाहरलाल के नेतृत्व में बख्तियारपुर RPF की कार्रवाई और अवर निरीक्षक चक्रपाणि कुमार की तकनीकी जांच में सक्रिय भूमिका ने वायरल वीडियो से जुड़े तीन लोगों तक पहुंच बनाई.RPF की यह कार्रवाई रेलवे परिसर की सुरक्षा, अनुशासन और सोशल मीडिया के लिए रेलवे परिसर के इस्तेमाल पर निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.


रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए हैं.सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए रेलवे परिसर में इस तरह की गतिविधियां करने वालों पर RPF की नजर है.बख्तियारपुर RPF की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वायरल होने की कोशिश में रेलवे परिसर का इस्तेमाल करना कार्रवाई से बाहर नहीं रहेगा.