पटना(PATNA): राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए विभाग संवेदनशील है. स्पोर्ट्स के हर क्षेत्र में बिहार के युवा अपनी अलग पहचान बना पाए. इसे लेकर कई योजना तैयार की गई है. राज्य में बेहतर स्टेडियम से लेकर हर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है. साथ ही अलग अलग राष्ट्रीय खेल में मेडल जितने वाले युवाओं को मेडल लाओ नौकरी पाव के तहत तुरंत अच्छी नौकरी देने की योजना को और प्रभाव शाली बनाने पर जोर दिया गया. इसे लेकर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन पटना एन बैठक हुई.
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में राज्य की खेल अवसंरचना परियोजनाओं, खेल प्रतिभा विकास कार्यक्रमों एवं भावी खेल कार्ययोजना की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में बिहार की महत्वाकांक्षी डुमरी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई. लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाने वाली इस परियोजना के लिए 574 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से संबंधित प्रस्ताव जिला पदाधिकारी एवं जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना को भेजा जा चुका है.
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि डुमरी स्पोर्ट्स सिटी बिहार के खेल विकास का नया केंद्र बनेगी और भविष्य में इसके आसपास खेल, प्रशिक्षण, खेल उद्योग तथा अन्य सहायक गतिविधियों के विस्तार की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी.
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दो अलग-अलग टीमों द्वारा अहमदाबाद और ओडिशा के खेल अवसंरचना मॉडलों का अध्ययन किया गया है. उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व विशेषज्ञ परामर्शदाता की सेवाएं ली जाएं ताकि परियोजना को राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा सके. उन्होंने डुमरी स्पोर्ट्स सिटी की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने तथा परियोजना के विभिन्न घटकों को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विकसित करने का भी निर्देश दिया.
बैठक में निर्णय लिया गया कि अरवल, मधेपुरा एवं किशनगंज जिला उत्कृष्टता केंद्र (District Centre of Excellence) का संचालन 15 जून से प्रारंभ कर दिया जाएगा. इन केंद्रों में क्रमशः कबड्डी, बैडमिंटन एवं ताइक्वांडो खेलों का आवासीय प्रशिक्षण संचालित होगा. इसके अतिरिक्त सिवान, मुंगेर एवं जमुई में फुटबॉल खेल के उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जाएंगे.
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण ने बताया कि इन केंद्रों के लिए खिलाड़ियों का चयन एवं प्रशिक्षकों की पहचान पूरी कर ली गई है तथा केंद्रों का संचालन प्रारंभ करने की सभी तैयारियां पूरी हैं. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि जिला उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण एवं अर्द्धशहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि 30 सितंबर 2026 तक राज्य के सभी जिला उत्कृष्टता केंद्र पूर्ण रूप से क्रियाशील हो जाएं.
बैठक में पंचायत स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत स्पोर्ट्स क्लबों के सक्रियकरण की समीक्षा की गई. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर खेल गतिविधियों को मजबूत करना आवश्यक है. विकास आयुक्त ने पंचायती राज विभाग एवं खेल विभाग को आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया.
बैठक में खिलाड़ियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई. प्रस्ताव रखा गया कि ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा चयनित भारतीय पुरुष एवं महिला वरिष्ठ क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भी सामान्य प्रशासन विभाग एवं खेल विभाग की “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के अंतर्गत शामिल किया जाए. प्रस्ताव स्वीकृत होने पर ऐसे खिलाड़ियों को लेवल-9 की सरकारी नौकरियों का लाभ मिल सकेगा.
राज्य के खेल कैलेंडर की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नवंबर 2026 में राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी श्रृंखला का आयोजन प्रस्तावित है. इसके अतिरिक्त जुलाई-अगस्त 2026 में खेलो इंडिया अस्मिता जोनल महिला भारोत्तोलन प्रतियोगिता, 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस तथा दिसंबर 2026 में एफआईएच प्रो लीग के आयोजन की तैयारियां भी चल रही हैं.
प्रगति यात्रा के अंतर्गत स्वीकृत खेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि जिन एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब किया जाएगा, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने खेल विभाग को सभी निर्माण एजेंसियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित कर परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया.
बैठक में बिहार सरकार की प्रस्तावित स्पोर्ट्स एक्शन प्लान पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसे मुख्यमंत्री के माध्यम से नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार खेलों को स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ते हुए एक समग्र खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है.
शिक्षा एवं खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि राज्य में 4,818 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापना की जा चुकी है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगभग 17,000 शिक्षकों को विद्यालयी बच्चों के लिए आयु-उपयुक्त योग प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्पोर्ट्स एक्शन प्लान में विद्यालयों के लिए फिजिकल लिटरेसी रिपोर्ट कार्ड, वैज्ञानिक प्रतिभा पहचान कार्यक्रम, प्रशिक्षकों एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के प्रमाणन कार्यक्रम, फिट कैंपस चैलेंज, खिलाड़ियों एवं बच्चों के लिए एकीकृत वेलनेस पोर्टल, खेल विनिर्माण हब तथा डोपिंग संबंधी जागरूकता कार्यक्रम जैसी पहल शामिल हैं. उन्होंने यह भी बताया कि निकट भविष्य में बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर के माध्यम से खेल पत्रकारिता से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है.
भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि राजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है तथा इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि स्टेडियम का पवेलियन तैयार हो चुका है तथा शेष तीन दर्शक दीर्घाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. स्टेडियम की कुल दर्शक क्षमता लगभग 40,000 होगी तथा परियोजना के लिए वर्तमान में 1,121 करोड़ रुपये का प्रावधान है.
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य की कुल 8,053 पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में 5,266 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं. शेष पंचायतों में भी प्राथमिकता के आधार पर खेल मैदान विकसित किए जाएंगे. इस संबंध में विकास आयुक्त ने पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पंकज कुमार को आपसी समन्वय स्थापित कर शेष पंचायतों को भी शीघ्र खेल मैदानों से आच्छादित करने का निर्देश दिया.
इसके अतिरिक्त पटना स्थित बी.पी. सिन्हा शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग 114 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एवं प्रीमियम खेल सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की भी समीक्षा की गई.
बैठक के अंत में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बिहार को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा खेल विकास के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया.
