Bihar

पत्नी ने प्रेमी को छोड़ने का दिया भरोसा, फिर अगले ही दिन पति की करवा दी हत्या, 12 साल बाद मिली ये सजा

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):आज से 10-15 साल पहले तक जो कहानियां और वारदात हम फिल्मों में देखा करते थे, वह अब हकीकत में देखने को मिलती हैं. आजकल रियल जिंदगी में लोगों की ऐसी-ऐसी करतूतें सामने आती हैं, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं. बिहार के दानापुर में 12 साल पहले हुए चंदन हत्याकांड का ऐसा फिल्मी चैप्टर सामने आया है, जिसको सुनकर सभी हैरान रह गए. इस फिल्म में एक तरफ जहां शादी है, प्यार है, पंचायत है, तो वहीं साजिश है उस खौफनाक हत्याकांड की, जो पत्नी और उसके प्रेमी ने रची थी.आपको बता दें कि दानापुर बिहार व्यवहार न्यायालय ने 12 साल बाद चंदन सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है और आरोपी पत्नी अनीशा कुमारी और प्रेमी पप्पू कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.

दोनों पर 75-75 हजार रुपये का लगा जुर्माना

कोर्ट की ओर से दोनों पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. ADJ-1 कुमार गुंजन ने जुर्माने की राशि को मृतक चंदन के पिता को देने का आदेश दिया है. वहीं, सबूत के अभाव में अनीशा के पिता उमर यादव और भीम यादव को पहले से बरी किया जा चुका है.अब बता दें कि इस कहानी की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब नौबतपुर के निवासी चंदन कुमार की शादी दुल्हनिया बाजार के उमेद यादव की बेटी अनीशा से हुई. शादी के बाद सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे कहानी में नया मोड़ आने लगा.आरोप है कि अनीशा की शादी के बाद भी उसके प्रेमी पप्पू यादव से प्रेम प्रसंग था. दोनों मिलते भी थे. शादी के बाद भी दोनों के बीच संबंध खत्म नहीं हुआ. 

पति को शादी के बाद भी दे रही थी धोखा

वहीं, जब शादी के बाद चंदन की एंट्री हुई, तो धीरे-धीरे उसे भी अनीशा और पप्पू के चक्कर की भनक लग गई.आरोप है कि चंदन ने अपनी पत्नी को पप्पू कुमार के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा था, जिसके बाद घर में काफी बवाल मचा था. इस संबंध का विरोध और इस संबंध के बारे में चंदन कुमार ने अपने पिता सुदर्शन प्रसाद को भी बताया. मामला इतना बढ़ गया कि नौबतपुर गांव में पंचायत भी हुई.लेकिन मामला पुलिस से पहले गांव के लोकल कोर्ट में पहुंच गया, लेकिन मामला समझा-बुझाकर शांत कराया गया. बताया जा रहा है कि 13 जुलाई 2014 को समझौता भी हुआ, जहां पंचायत में पप्पू ने अनीशा से अपने सारे रिश्ते खत्म करने की बात मानी. लेकिन फिल्म की कहानी के इंटरवल के बाद ट्विस्ट बाकी था.लेकिन पंचायत में समझौता होने के अगले दिन यानी 14 जुलाई 2014 को ही चंदन की हत्या कर दी गई.

12 साल बाद मिली खौफनाक सजा

 पुलिस में जो FIR दर्ज करवाई गई, उसके मुताबिक चंदन के पिता सुदर्शन प्रसाद ने आरोप लगाया था कि अनीशा ने अपने प्रेमी और अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके बेटे की हत्या की है. इतना ही नहीं, आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई.बताया जा रहा है कि कमरे के बाहर ताला लगा दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए. बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद पिता सुदर्शन प्रसाद ने पुलिस को पूरी जानकारी दी. इसके बाद नौबतपुर थाने में पप्पू समेत उमर यादव और भीम यादव के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज करवाई गई.इसी मामले में 12 साल बाद कोर्ट ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास यानी उम्रकैद की सजा सुनाई है. हालांकि, अनीशा के पिता और भाई पहले ही सबूत के अभाव में बरी हो चुके हैं.

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