टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार की बांकीपुर सीट की चर्चा बिहार में तो हो ही रही है, उसकी चर्चा धनबाद कोयलांचल में भी खूब हो रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जगह एनडीए किसे उम्मीदवार बनाता है. इस पर सब की निगाहें टिकी हुई है. जबकि जानसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के दावे के बाद यह सीट कई मामलों में महत्वपूर्ण हो गई है. सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद बांकीपुर में पहली बार जनमत संग्रह होने जा रहा है. 2025 के विधानसभा चुनाव में जनसुराज को नकार देने के बाद लोगों का क्या कोई मन बदला है, यह उपचुनाव इसकी भी परीक्षा लेगा. नियम के अनुसार अक्टूबर के आसपास चुनाव हो सकता है. बांकीपुर से प्रशांत किशोर खुद उम्मीदवार हो सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो चुनावी लड़ाई जबरदस्त हो सकती है.
अक्टूबर के आस पास हो सकता है चुनाव, लेकिन
दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा में जाने के बाद यहां उपचुनाव चुनाव होना है. प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी कई दिनों से बांकीपुर में जनसंपर्क अभियान चला रखा है. बैठक हो रही है, संवाद किए जा रहे है. हालांकि इस बात को प्रशांत किशोर दोहरा रहे हैं कि बांकीपुर में भाजपा को हराने के लिए जो कुछ भी करना पड़े, वह किया जाएगा. यहां तक कह रहे हैं कि अगर उन्हें खुद लड़ना पड़े, तो लड़ा जाएगा. पटना शहर का बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 1995 से लगातार यहां भाजपा जीतती रही है.
कौन होगा भाजपा का उम्मीदवार, चल रहा मंथन
बांकीपुर सीट से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा लगातार चार बार विधायक बने थे. उनके निधन के बाद नितिन नवीन 2006 में उपचुनाव जीते. इसके बाद से लगातार बांकीपुर से विधायक रहे. 2025 के विधानसभा चुनाव में बांकीपुर से नितिन नवीन ने राजद की रेखा कुमारी को हराया था. जनसुराज भी चुनाव लड़ा था. इधर, नितिन नवीन की जगह भाजपा किसी मजबूत उम्मीदवार की तलाश में है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद इसमें लगे हुए हैं. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला उप चुनाव होगा. साथ ही इस सीट पर नितिन नवीन की प्रतिष्ठा भी जुड़ी रहेगी. हालांकि भाजपा प्रशांत किशोर के दावे को खारिज करते हुए चैलेंज दे दिया है कि अगर हिम्मत है, तो प्रशांत किशोर खुद चुनाव लाडे. यह अलग बात है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने बिहार दौरे के क्रम में बैठक किए थे. यहां बताना जरूरी है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जनसुराज के सूत्रधार प्रसाद किशोर खुद किसी सीट से चुनाव नहीं लड़ा था.
