Bihar

राजधानी पटना में वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेजप्रताप यादव बोले- कोर्ट में लड़ेंगे न्याय की लड़ाई

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
राजधानी पटना में वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेजप्रताप यादव बोले- कोर्ट में लड़ेंगे न्याय की लड़ाई

पटना (PATNA) : बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द कर दिया गया. जैसे ही नामांकन रद्द होने की जानकारी मिली, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव सीधे पटना कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय पहुंच गए. वहां उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर नामांकन रद्द किए जाने की वजह पूछी और पूरे मामले की जानकारी ली.

उनकी पार्टी इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी

निर्वाची पदाधिकारी से बातचीत के बाद तेजप्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार के साथ साजिश की गई है और जानबूझकर उनका नामांकन रद्द किया गया है. उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और उनकी पार्टी इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी.

हमारे उम्मीदवार के साथ षड्यंत्र किया गया है

तेजप्रताप यादव ने कहा, "हमारे उम्मीदवार के साथ षड्यंत्र किया गया है. यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. हम इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे. मैं खुद अदालत जाऊंगा और न्याय की लड़ाई लड़ूंगा."

उन्होंने कहा कि जनशक्ति जनता दल लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन यदि किसी उम्मीदवार के साथ अन्याय किया जाएगा तो पार्टी कानूनी रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायालय से उनकी पार्टी को न्याय मिलेगा और सच्चाई सामने आएगी.

यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है

वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने के बाद यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है. विपक्ष और अन्य राजनीतिक दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों की ओर से नामांकन रद्द किए जाने के कारणों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

गौरतलब है कि तेजप्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वह बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी अदालत में क्या याचिका दाखिल करती है और इस मामले में न्यायालय का अगला फैसला क्या होता है. आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है.