Bihar

वीबी-जी राम जीः 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
वीबी-जी राम जीः 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर

पटना(PATNA): ग्रामीण विकास विभाग की नई योजना ‘विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम, 2025 (VB-G RAMG)’ का गुरुवार को पटना के अभिवेशन भवन में शुभारंभ किया गया.  विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने योजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों के बाद अब ग्रामीण रोजगार की नई यात्रा शुरू हुई है.  उन्होंने बताया कि योजना के तहत यदि किसी श्रमिक को रोजगार के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो वह बेरोजगारी भत्ते का पात्र होगा.

मंत्री ने बताया कि पहले 30 दिनों के लिए बेरोजगारी भत्ता निर्धारित दर का एक-चौथाई तथा शेष वित्तीय वर्ष के लिए आधा होगा.  अकुशल श्रमिकों को दिए जाने वाले इस भत्ते का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों/एजेंसियों से इसकी वसूली 30 दिनों के भीतर की जाएगी.  इसके अलावा, मास्टर रोल बंद होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर बकाया राशि पर प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत की दर से स्वतः क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार मांग के आधार पर फंडिंग करती थी, जबकि VB-G RAMG में राज्यों की जनसंख्या, प्रति व्यक्ति आय और पिछड़ेपन के आधार पर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही निश्चित बजट का प्रावधान किया गया है.  योजना के तहत ग्राम पंचायतों को उनकी स्थानीय जरूरतों, विकास सूचकांक और संसाधनों के आधार पर ए, बी और सी तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य कराए जा सकें.

मंत्री ने बताया कि मनरेगा में जहां 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं नई योजना में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी.  साथ ही, अकुशल मजदूरी मद में 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी.  उन्होंने बताया कि योजना के लिए नौ माह की अवधि के लिए  केंद्र सरकार ने 6,715.83 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार ने 4,477.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

कार्यक्रम में मंत्री ने जल-जीवन-हरियाली मिशन का भी जिक्र  करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं.  चालू वित्तीय वर्ष में 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है.  उन्होंने कहा कि पौधारोपण के कारण बिहार का हरित क्षेत्र 9 प्रतिशत से बढ़कर 16 प्रतिशत हो गया है और इसे 33 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए विभाग तेजी से कार्य कर रहा है.

ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ी पहल बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता और श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है.  उन्होंने कहा कि बिहार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

कार्यक्रम में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, VB-G RAMG की आयुक्त अनन्या सिंह, जल-जीवन-हरियाली मिशन के मिशन निदेशक सुमित कुमार, बीआरडीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी संजय कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.