पटना (PATNA): सिवान में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने के मामले को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. राष्ट्रीय जनता दल ने पटना में बड़ा प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह तनाव की स्थिति बनी.
तेजस्वी, मीसा भारती और कई अन्य नेता कार्यकर्ता हिरासत में
राजद का मार्च पटना के जेपी गोलंबर से लोकभवन की ओर बढ़ा. मार्च में तेजस्वी यादव के साथ सांसद मीसा भारती और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी. प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे और कुछ जगह बैरिकेडिंग को पार करने का प्रयास भी हुआ. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इसके बावजूद राजद कार्यकर्ता प्रदर्शन करते रहे. बाद में पुलिस ने तेजस्वी यादव, मीसा भारती और कई अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को को लेकर राजद ने किया प्रदर्शन
राजद ने इस प्रदर्शन के जरिए सिवान की घटना के साथ परीक्षा में कथित पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी उठाया. पार्टी का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया. सिवान की घटना जुलाई में हुई थी. प्रशासन के मुताबिक एक पुलिसकर्मी ने भीड़ से घिरने के बाद AK-47 से चार राउंड हवाई फायरिंग की थी. प्रशासन ने फायरिंग को बिना अनुमति और अनुचित बताया था. संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई. प्रशासन का यह भी कहना था कि AK-47 की फायरिंग से किसी व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई और तीन युवकों के घायल होने की अलग से जांच की जा रही है. पटना में हुए इस प्रदर्शन के बाद सिवान फायरिंग और छात्रों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं.
