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चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर पटना में फूटा गुस्सा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को चलाना पड़ा वाटर कैनन

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

टीनपी डेस्क (TNP DESK): भारत में आंदोलनों का दौर कोई नया नहीं है. 1974 का जेपी आंदोलन हो, BPSC परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के विरोध हों या हाल में NEET और झारखंड में JPSC-JSSC से जुड़े आंदोलन, जब भी छात्र या राजनीतिक दल किसी व्यवस्था में गड़बड़ी का आरोप लगाते हैं, सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं. अब SIR यानी स्पेशल इन्टेन्सिव रिविज़न को लेकर भी विरोध का दौर तेज होता दिख रहा है.

दरअसल, साल 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी. इसी दौरान विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने भी 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को लेकर अभियान और यात्राएं कीं. अब यही मामला चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन गया है.

पटना में कांग्रेस का प्रदर्शन

इसी कड़ी में शुक्रवार 25 सितंबर को पटना में SIR के मुद्दे पर कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ता आर ब्लॉक चौराहे से मार्च करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़े. विधानसभा के नजदीक कार्यालय से पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. इसके बाद मौके पर हंगामा हुआ और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया.

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी हालत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

बिहार में RJD भी सड़क पर

कांग्रेस के साथ ही बिहार में महागठबंधन की प्रमुख पार्टी RJD के नेता और कार्यकर्ता भी SIR के मुद्दे पर सड़क पर उतरे. RJD कार्यकर्ताओं ने भी पटना में प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग और SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए. इसके साथ ही SIR को लेकर विरोध सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है. शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस ने दिल्ली में रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस की ओर से दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शन किए गए हैं. मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली है.

राजनीतिक हलचल और विपक्ष की मांग

SIR अब सिर्फ मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि यह विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बड़े राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन चुका है. विपक्ष का आरोप है कि SIR के नाम पर योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए. विपक्ष की प्रमुख मांगों में SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची से जुड़े विवादों की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है. वहीं चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके पक्ष को भी इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सवाल यही है कि SIR को लेकर बढ़ता राजनीतिक विरोध आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है और चुनाव आयोग इस विवाद पर क्या कदम उठाता है.

क्या है पूरा मामला

SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. हाल में द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को लेकर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और आयोग की आंतरिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे.

रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और तेज कर दी. मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच या आधिकारिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा.

कितने राज्यों में हो रहा है SIR

चुनाव आयोग की ओर से SIR के अगले चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है. इनमें झारखंड, पंजाब, गोवा, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य शामिल हैं. इसके साथ ही बता दें, झारखंड में SIR की प्रक्रिया तेज है और 30 सितंबर को अंतिम तारीख निर्धारित की है दावा आपत्ति दर्ज करने की जिसके बाद 19 अक्टूबर को वोटर लिस्ट की सूची जारी की जाएगी.  ऐसे में आने वाले समय में SIR का मुद्दा कई राज्यों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है.

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