पटना (PATNA):मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर का आयोजन कर रही है. मई महीने से शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत अब तक तीन महीनों में राज्य की 6 हजार 533 पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन हो चुका है. अब तक कुल 6 लाख 46 हजार 181 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 6 लाख 20 हजार 30 मामलों का निष्पादन हो चुका है, जो कुल प्राप्त आवेदनों का करीब 96 फीसदी है. फिलहाल सिर्फ 4 फीसदी मामले लंबित हैं. आने वाले एक-दो सहयोग शिविरों में राज्य की सभी 8 हजार 32 पंचायतों में इसका आयोजन पूरा कर लिया जाएगा. राज्य के सभी 534 प्रखंडों में भी यह शिविर आयोजित हो चुका है.
शिविरों में लोगों की हर तरह की समस्याओं का तेजी से समाधान
बता दे कि राज्य सरकार के आदेश पर सभी पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में लोगों की हर तरह की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है. सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों के निपटारे के लिए 30 दिन की समय-सीमा तय की गई है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. इसकी नियमित निगरानी मुख्यमंत्री सचिवालय से की जा रही है.सहयोग शिविर के जरिए प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में टॉप-10 जिलों में शेखपुरा, सहरसा, शिवहर, खगड़िया, भोजपुर, जमुई, गोपालगंज, अरवल, पश्चिम चंपारण और बांका शामिल हैं.बिहारवासियों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने 19 मई 2026 को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग गांव से सहयोग शिविर की शुरुआत की थी. यह शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में आयोजित किया जा रहा है. वहीं, दूसरे मंगलवार को राज्यस्तरीय शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसमें खुद मुख्यमंत्री लोगों की समस्याएं सुनते हैं.
पंचायतों में लगातार आयोजित होंगे सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन लगातार जारी रहेगा. राज्य की 8 हजार 32 पंचायतों में से 6 हजार 533 पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन हो चुका है. बाकी बची पंचायतों में आने वाले दिनों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर राज्य में पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं. इससे लोगों की समस्याओं का समाधान उनके गांव के पास ही आसानी से हो रहा है. इन शिविरों में जनता से जुड़ी हर तरह की समस्याओं का अधिकारियों द्वारा समाधान किया जा रहा है.इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है. साथ ही लोगों के समय और पैसे की बचत हो रही है और उन्हें परेशानियों से भी राहत मिल रही है. सरकार की इस पहल से राज्य की बड़ी आबादी को सुविधा मिल रही है और लोग तनावमुक्त होकर अपनी दिनचर्या में लगे हुए हैं.आपको बता दें कि राज्य की सभी पंचायतों में शिविर लगने के बाद भी इसे बंद नहीं किया जाएगा. लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए सहयोग शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके.
