Bihar

डबल इंजन सरकार में लालटेन बेकार, बिहार विकास की रोशनी में आगे बढ़ रहा : मंत्री लखेंद्र पासवान

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
डबल इंजन सरकार में लालटेन बेकार, बिहार विकास की रोशनी में आगे बढ़ रहा : मंत्री लखेंद्र पासवान

पटना (PATNA) : राजधानी पटना में मंत्री लखेंद्र पासवान के सरकारी आवास के बाहर लालटेन फेंके जाने की घटना ने राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी है. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार अब लालटेन के दौर से आगे निकल चुका है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बिजली और विकास की बेहतर व्यवस्था के कारण लोगों को अब लालटेन की जरूरत नहीं रही. साथ ही उन्होंने विपक्ष और तेज प्रताप यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की जनता लालटेन युग को बहुत पहले पीछे छोड़ चुकी है.

अब बिहार में लालटेन की जरूरत नहीं

बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने उनके आवास के बाहर लालटेन फेंके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब बिहार में लालटेन की जरूरत नहीं रह गई है. उन्होंने इसे बदलते दौर और राज्य में हुई विकास यात्रा से जोड़कर देखा

घर में इसे रखने का कोई मतलब नहीं

मंत्री ने बताया कि सुबह वह इको पार्क से लौट रहे थे. इसी दौरान उन्होंने एक युवक को लालटेन खींचकर सड़क पर फेंकते हुए देखा. जब उन्होंने उससे ऐसा करने का कारण पूछा तो युवक ने जवाब दिया कि अब इसकी कोई आवश्यकता नहीं है और घर में इसे रखने का कोई मतलब नहीं रह गया है.

लालटेन पर निर्भरता हो गई है खत्म

लखेंद्र पासवान ने कहा कि बिहार की जनता पहले ही लालटेन युग को समाप्त कर चुकी है. उन्होंने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में विकास हो रहा है और अब आधुनिक रोशनी तथा बेहतर सुविधाओं का दौर है. उनके अनुसार बिहार में अधिकांश क्षेत्रों में 18 से 22 घंटे तक बिजली उपलब्ध रहती है, जिससे लोगों की लालटेन पर निर्भरता खत्म हो गई है.

तंज कसते हुए कहा

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने लालटेन को राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी पीछे छोड़ दिया है. जिन लोगों के घरों में अब भी पुरानी लालटेन रखी हुई है वे भी उसे बेकार समझकर हटा रहे हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि जिस सरकारी आवास में पहले तेज प्रताप यादव रहते थे, वहां यह लालटेन पड़ी हुई थी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेज प्रताप यादव खुद भी लालटेन को बहुत पहले छोड़ चुके हैं.

लखेंद्र पासवान ने आगे कहा कि लालटेन का नाम आते ही लोगों को बिहार के पुराने दिनों और जंगलराज की याद आती है. उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब विकास, बिजली और आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ना चाहती है और पुराने प्रतीकों को पीछे छोड़ चुकी है.