पटना (PATNA): बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की 77वीं वार्षिक आम बैठक 21 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित हुई. बैठक में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. इस दौरान बैंक की वित्तीय स्थिति, पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई. मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कृषि, डेयरी, खाद्य भंडारण और ग्रामीण उद्योगों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने की बात कही. इससे किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को अपनी आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में सहकारी बैंकों की अहम भूमिका है.
सहकारिता मंत्री ने बैंकिंग सेवाओं में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सहकारी बैंकों में डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए बैंकिंग सेवाओं को आसान, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए. बैठक में बताया गया कि बिहार राज्य सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) के माध्यम से ग्रामीण इलाकों तक किफायती और समय पर ऋण पहुंचाने पर काम कर रहा है. इसके तहत किसानों, महिला उद्यमियों, दुग्ध उत्पादकों और छोटे कारोबारियों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है. बैंक की ओर से NPA नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार को भी प्राथमिकता दी जा रही है.
बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने कहा कि वित्तीय मजबूती, ग्रामीण विकास और वित्तीय समावेशन को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाया जा रहा है. वहीं, प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान ने बैंक की वित्तीय प्रगति और तकनीकी आधुनिकीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने डिजिटल बैंकिंग, तकनीकी नवाचार, ग्राहक सेवा में सुधार और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने को आगामी कार्ययोजना की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया. बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक (साख) मनोज कुमार सिंह, बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह समेत विभाग और बैंक के अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे.
